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स्टार प्रचारकों की रैलियों, सभाओं ने बढ़ाई आम लोगों की दिक्कतें

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HRTC - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। विधानसभा चुनावों के दौरान होने वाली स्टार प्रचारकों की रैलियों ने ग्रामीणों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है। सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चंबा होने वाली जनसभा के लिए लोगों को लाने और ले जाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की 35 बसों को बुक करवाया गया है। हालांकि निगम की बसों को बुक करवाने की एवज में बाकायदा दो लाख 48 हजार रुपये की राशि जमा करवाई गई है। इससे विधानसभा चुनाव 2017 के चलते होने वाली रैलियों की एवज में एचआरटीसी प्रबंधन भी कुछ हद तक मालामाल ही हुआ है। वहीं जनता को जिला में चुनाव के दौरान होने वाली स्टार प्रचारकों की रैलियों की वजह से निजी और सरकारी बसों की बुकिंग के चलते परेशानियों से जूझना भी पड़ रहा है। हालत यह है कि बसें बुक होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित तौर पर चलने वाली बसें भी नहीं पहुंचती हैं। नतीजतन, ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में परेशानियां उठानी पड़ती है। ऐसे में स्टार प्रचारकों की रैलियां जहां अपने-अपने पार्टी प्रत्याशियों के लिए तो फायदेमंद साबित हो रही है। तो वहीं, लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव 2017 में सभी प्रमुख पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित करने के लिए ऐढ़ी-चोटी का जोर लगा रही है। पार्टी प्रत्याशी भी इस मर्तबा जीत का स्वाद चखने के लिए हर संभव प्रयास करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। ऐसे में विभिन्न पार्टियों के स्टार प्रचारक भी प्रदेश भर में पहुंच कर अपने-अपने प्रत्याशियों को जीताने के लिए मेहनत कर रहे हैं। स्टार प्रचारकों के जिले में प्रचार संबंधी की जाने वाली रैलियों और संबोधनों के दौरान काफी हद तक आम लोगों पर इसका असर होता दिख रहा है। स्टार प्रचारकों के जिले में पहुंचने से पहले विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाली एचआरटीसी कि बसों को बुक कर लिया जाता है। इसके बाद बसे अपने निर्धारित रूटों पर नहीं पहुंच पाती है। नतीजतन, जरूरी कामों के लिए घरों से निकलने वाले लोगों को परेशानियां ही उठानी पड़ रही है। कई मर्तबा तो लोगों को ना चाहते हुए भी निजी वाहन हायर कर अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ता है। कुल मिलाकर जिले में स्टार प्रचारकों का पहुंचना लोगों पर कहीं न कहीं असर डाल रहा है। यह बसें साहो, बरौर, सिल्लाघ्राट, कोल्हड़ी, परिहार, भनौता, जडेरा, कैला, सराहण, जुम्महार, लुड्डू रूटों पर चलेगी। वहीं, एचआरटीसी प्रबंधन के सूत्रों की मानें तो पहले सलूणी और तीसा के लिए भी एचआरटीसी की बसों को भिजवाए जाने की मांग प्रबंधन से की गई थी। मगर अधिक दूरी होने का हवाला देकर प्रबंधन ने मना कर दिया।
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50 बसें चुनाव कर्मचारियों के लिए बुक
एचआरटीसी प्रबंधन अब 7 नवंबर से किसी भी राजनेता की रैली और संबोधन के लिए लोगों को लाने ले जाने के लिए बसों की बुकिंग नहीं करेगा। सात नवंबर से एचआरटीसी प्रबंधन की करीब 50 बसें चुनावों के लिए तैनात कर्मचारियों को लाने ले जाने के लिए बुक हो चुकी हैं।
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