चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी की रेई पंचायत में करंट लगने से 10 खच्चरों की मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सत्र न्यायाधीश डॉ. पार्थ जैन की अदालत ने विद्युत बोर्ड को आदेश दिया है कि वह चारों पीड़ितों को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 4.35 लाख रुपये का मुआवजा अदा करे।
मामले के अनुसार 7 जून 2017 को रविंद्र कुमार, प्यार दीन, सुनील कुमार और रोशन खच्चरों के साथ रेई ढांक इलाके में पहुंचे थे। उस समय सड़क पर और बिजली के खंभे के पास पानी जमा था। जैसे ही वे आगे बढ़े, खंभे में प्रवाहित करंट के कारण रविंद्र कुमार, रोशन और प्यार दीन की तीन-तीन और सुनील कुमार की एक खच्चर की मौके पर ही करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। पीड़ितों ने तुरंत पांगी पुलिस को सूचना दी और आरोप लगाया कि विद्युत बोर्ड ने सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना 11 केवी एल्यूमीनियम कंडक्टर के तारों और खंभे का इंस्टॉलेशन किया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। खच्चरों का पोस्टमार्टम करवाया गया और पुलिस ने मामले का चालान अदालत में पेश किया। अदालत में पीड़ितों ने बताया कि वे खच्चरों की मदद से ढुलाई कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन बोर्ड की लापरवाही ने उनकी कमाई का एकमात्र साधन ही समाप्त कर दिया। सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पीड़ितों के पक्ष में निर्णय सुनाया।