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थैलेसीमिया वंशानुगत विकारों का होता एक समूह : विजय

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भड़ेतर में आयोजित विश्व थैलेसीमिया दिवस हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम मे
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भड़ेतर में मनाया विश्व थैलेसीमिया दिवस
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र भड़ेतर में विश्व थैलेसीमिया दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित किया। इसकी अध्यक्षता खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा और डॉ. सुशील ने की। स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया कि थैलेसीमिया वंशानुगत विकारों का एक समूह है, जो हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला ऐसा प्रोटीन, जो ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाता है) बनाने वाले अमीनो एसिड की चार शृंखलाओं में से एक के निर्माण में असंतुलन होने की वजह से होता है। इसके लक्षण थैलेसीमिया के प्रकार पर निर्भर होते हैं। इसमें कुछ लोगों को पीलिया हो सकता है। उन्हें पेट फूलने की परेशानी हो सकती है या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसके निदान के लिए आमतौर पर कुछ खास हीमोग्लोबिन टेस्ट करवाए जाते हैं। थैलेसीमिया के हल्के लक्षणों में इलाज की जरूरत नहीं होती, लेकिन गंभीर थैलेसीमिया होने पर बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन की जरूरत पड़ सकती है। थैलेसीमिया के निदान के लिए ब्लड टेस्ट करवाए जाते हैं और पता लगाने के लिए आनुवंशिक जांच की जा सकती है। इसके इलाज के लिए कभी-कभी ब्लड ट्रांसफ्य़ूजन किया जाता है। स्प्लीन को निकाला जाता है या आयरन कीलेशन थेरेपी दी जाती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्मृति आशा वर्कर रामकली सरिता, मीना, प्रमिला, सावित्री, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भड़ेतर का स्टाफ और ग्रामीण मौजूद रहे।
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