दधोल–पडयालग सहकारी संगठन में महिलाओं की बड़ी पहल
संगठन के साथ हैं लगभग 300 किसान, महिला और पुरुष सक्रिय सदस्य
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। दधोल और पडयालग क्षेत्र की महिलाओं ने ग्रामीण स्वरोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाया है। दधोल-पडयालग कृषि सेवा किसान उत्पाद सहकारी संगठन लिमिटेड के माध्यम से यहां की महिलाएं चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार कर रही हैं।
यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें कौशल आधारित उद्योग से भी जोड़ रही है। इस कार्य की नींव सहकारी संगठन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीता ठाकुर ने रखी। उनके मार्गदर्शन में 2 अगस्त 2024 को इस परियोजना को औपचारिक रूप से शुरू किया गया। सहकारी संगठन पहले से पंजीकृत है, जिससे इसके संचालन, वित्तीय प्रबंधन और विस्तार को संस्थागत मजबूती मिली है। आज के समय में संगठन के साथ लगभग 300 किसान, महिला और पुरुष सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं। ग्रामीण महिलाएं चीड़ के पेड़ से गिरने वाले पत्तियों को एकत्र कर उससे विभिन्न प्रकार की हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार कर रही हैं।
इनमें सुंदर टोकरियां, भोजन परोसने वाली प्लेटें, पानी व पेय पदार्थों के लिए गिलास, आकर्षक ट्रे, रसोई में उपयोग होने वाले कई दैनिक उत्पाद शामिल हैं। यह उत्पाद प्लास्टिक के विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनका उपयोग धार्मिक आयोजनों, सामुदायिक कार्यक्रमों, घरेलू इस्तेमाल में बढ़ रहा है। स्थानीय बाजार से मिल रही बढ़ती मांग ने महिलाओं का उत्साह और भी बढ़ाया है। सहकारी संगठन सिर्फ हस्तशिल्प उत्पादन तक सीमित नहीं है। संगठन किसानों को स्वदेशी घरेलू बीज तैयार करने में भी सहायता कर रहा है। इससे किसानों को दो बड़े फायदे मिल रहे हैं। बाहरी बीज कंपनियों पर निर्भरता में कमी,स्थानीय किस्मों का संरक्षण और संवर्धन,यह पहल कृषक परिवारों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रही है और शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण बीजों से फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है। जिला सहकारी विकास संघ सीमित बिलासपुर के पदाधिकारियों अध्यक्ष एचबी कौशल, सचिव एमपी चोपड़ा, उपाध्यक्ष रक्षा कपिल, निदेशक बृजलाल शर्मा, संत राम वैध सहित अन्य पदाधिकारियों ने सहकारी संगठन के कार्य की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
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महिलाओं के आत्मविश्वास और आय में हुआ इजाफा
दधोल और पडयालग गांव की महिलाएं अब अपने कौशल को पहचानते हुए परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। पत्तियों से बनने वाले उत्पाद उन्हें कम लागत में बेहतर मुनाफा दे रहे हैं। कई महिलाओं ने बताया कि यह कार्य न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बना रहा है, बल्कि उनमें आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की भावना भी विकसित हो रही है।
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ग्रामीण विकास का मजबूत मॉडल
सहकारी संगठन का यह प्रयास घुमारवीं क्षेत्र में ग्रामीण विकास का एक सशक्त मॉडल बनकर उभर रहा है। संगठन की टीम प्रशिक्षण, सामग्री उपलब्धता, मार्केटिंग और समूह सामंजस्य पर निरंतर काम कर रही है, जिससे उत्पादन और बिक्री दोनों सुचारू रूप से बढ़ रही हैं।