-समन्वय समिति की बैठक में एडीसी ने निजी बैंकों के समक्ष खड़े किए सवाल
-योजनाओं के तहत अधिक से अधिक खाता खुलवाना सुनिश्चित करें बैंक
-एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के बारे में लोगों को किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ देने में निजी बैंक फिसड्डी क्यों साबित हो रहे हैं। यह प्रश्न अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने बचत भवन में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से किए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. निधि पटेल ने कहा कि सभी प्रमुख निजी बैंक केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं लोगों को सस्ती दरों में बीमा उपलब्ध करवाते हैं। इसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना शामिल हैं, लेकिन बैंक इसमें फिसड्डी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों की तुलना में गैर सरकारी बैंक केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत बहुत कम खाता खोल रहे हैं। उन्होंने आईसीआईसीआई, एक्सिस, और एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अगली तिमाही के बैठक से पहले केंद्र सरकार की सभी प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अधिक से अधिक खाता खुलवाना सुनिश्चित करें। ताकि निजी बैंक से जुड़े हुए लोगों को भी केंद्र सरकार द्वारा चलाई जारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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कम ऋण देने पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि बैंकों की सीडी रेशो में 1.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो कि पिछले तिमाही में 25.49 से बढ़कर 26.92 हो गई हैं। सीडी रेशियो कम होने का तात्पर्य यह है कि बैंक जिले के लोगों को कम ऋण दे रहे हैं। ऋण कम मिलने से जिले में विकास की गति में कमी आती है। बैंक अधिकारियों को सीडी रेशियो बढ़ाने और जिले के लोगों को अधिक से अधिक ऋण देने के निर्देश दिए। डॉ. निधि ने अधिकारियों को कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसबीआई बैंक द्वारा कृषि क्षेत्र में कम ऋण देने पर चिंता जाहिर की। बैठक में उन्होंने उद्योग विभाग और सभी बैंक अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अधिक से अधिक जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचे।
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किसानों को दिया फसल बीमा योजना का लाभ
उन्होंने बताया कि रबी सीजन 2022-23 के दौरान जिले के 13,444 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिया गया है। वहीं खरीफ सीजन के दौरान 14,405 किसानों को इस योजना का लाभ मिला है। पिछले तिमाही तक सभी बैंकों द्वारा कृषि क्षेत्र में 81.42 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया है। एमएसएमई में ऋण देने के मामले में 109 प्रतिशत, अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 41.17, कुल प्राथमिकता क्षेत्र में 84.94 प्रतिशत, गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 396 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया गया है।
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एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के बारे में जागरूकता फैलाने के दिए निर्देश
बैठक में नाबार्ड हमीरपुर से नरेश कुमार ने सभी बैंक अधिकारियों को एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के बारे में जानकारी दी। उन्होंने योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ उपलब्ध करवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र के विकास और सुधार को प्रोत्साहित करना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे कि सड़क, पुल, सिंचाई सुविधाएं, गोदाम आदि के विकास और निर्माण में निवेश करना है। भारत में सरकारी और निजी संस्थाएं इसके उपयोग को समर्थन करती हैं, ताकि कृषि क्षेत्र के संरचनात्मक विकास में सहायता मिले। इस मौके पर आरबीआई शिमला से राहुल गांधी और लीड बैंक मैनेजर दीपक चौहान सहित सभी बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।