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बिना दाने बने खेतों में पक गई गेहूं की फसल

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बारिश ना होने से एक महीना पहले ही पक गई गेहूं की फसल। - फोटो : BILASPUR
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शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले के करीब पैंसठ हजार किसान परिवारों पर सूखे की मार पड़ी है। बारिश नहीं होने के कारण बिना दाने बने ही गेहूं की फसल खेतों में पक गई है। इसके कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीते तीन महीने से बारिश न होने के कारण किसानों की गैर सिंचित क्षेत्रों में 60 फीसदी से अधिक फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान अब गेहूं की फसल को भारी मन से पशुचारे के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं।
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मौसम के बदलते मिजाज से जिले के किसान चिंतित हैं। बिलासपुर जिले में कुल 31813 हेक्टेयर क्षेत्र पर कृषि की जाती है। 65 हजार परिवार खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बारिश न होने से गैर सिंचित 28906 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को 60 फीसदी से अधिक नुकसान हो चुका है। जबकि 29907 हेक्टेयर सिंचित सुविधा वाले क्षेत्र में जलस्तर नीचे चले जाने से पर्याप्त पानी नहीं मिलने से 25 फीसदी नुकसान होने का अनुमान है।
किसानों मनेंद्र सिंह, श्रवण कुमार, प्रकाश चंद, रमेश चंद, कुलदीप कुमार, दीनानाथ, किशोरी लाल, रोशन लाल, बलदेव कुमार, चंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल की बिजाई के समय खेतों में पर्याप्त नमी थी। कृषि विभाग से उन्नत किस्म का बीज लेकर बिजाई की थी। अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। गत वर्ष पीले रतुआ रोग से गेहूं की फसल को हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद थी। लेकिन तीन माह से बारिश न होने से अब तो बीज के पैसों की भी भरपाई नहीं हो पाएगी। वैशाखी के बाद गेहूं की फसल पककर तैयार होती है, लेकिन इस बार पहले ही फसल पक गई है। गेहूं के दाने भी अब तक नहीं बने हैं। फसल को अब पशुचारे में ही प्रयोग करना उचित है।
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उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप पटियाल ने कहा कि बारिश न होने से जिले में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
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