भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर है। घुमारवीं में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए सतलुज नदी से पानी उठाया जाएगा। इस पर लगभग 53 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भटोली के समीप सतलुज नदी पर बन रहे इनटेक स्ट्रक्चर का रविवार को खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लोगों के पीने के पानी की समस्या का समाधान करने के लिए प्रदेश सरकार ने सतलुज नदी से 53 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल योजना स्वीकृत की है। पेयजल योजना भटोली के पास बनकर तैयार होगी। इसका काम चला हुआ है। उन्होंने बताया कि पेयजल योजना का आधुनिक तकनीक के साथ निर्माण किया जा रहा है। सतलुज नदी से पानी उठाकर दूसरी स्टेज तक ले जाया जाएगा। जहां पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पानी की गुणवत्ता, शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सतलुज नदी से पानी उठाकर बड़े टैंकों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए एक टैंक मैहरन, दूसरा टैंक लदरौर और तीसरा टैंक रोपा में बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में पीने के पानी की सभी योजनाओं को सतलुज नदी के पानी से फीड किया जाएगा। ताकि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके। इस योजना को आगामी जून, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए सतलुज नदी से जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत बनने वाली इस महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का कार्य युद्धस्तर पर चला हुआ है। पेयजल योजना की अनुमानित लागत 53 करोड़ रुपये है। 32 करोड़ रुपये की स्वीकृत मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इनटेक स्ट्रक्चर है जो नदी के बीच में बनकर तैयार हो रहा है। इसका कार्य लगभग 40 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता घुमारवीं जल शक्ति सतीश शर्मा, सहायक अभियंता भराड़ी रवींद्र रणौत आदि उपस्थित रहे।