ब्लॉक अध्यक्ष के आरोपों से पार्टी समन्वय पर सवाल
पंचायत चुनाव रणनीति को लेकर कांग्रेस में बढ़ी खींचतान
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से संगठन की रणनीति को लेकर फोन पर हुई बात
जिला परिषद उम्मीदवारों की घोषणा बनी तनाव का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियों के बीच बिलासपुर जिला कांग्रेस में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। जिला परिषद उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पार्टी नेताओं में बढ़ती नाराजगी ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।
घुमारवीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह के बयान के बाद पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कैप्टन चंबेल सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर उनकी सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से फोन पर बातचीत हुई थी, लेकिन बाद में उस बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ी चर्चाओं को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। ऐसे मतभेद बातचीत और संगठनात्मक स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वह सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। हमेशा ही राजनीतिक और संगठनात्मक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं। कैप्टन चंबेल सिंह ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाकर सभी ब्लॉक पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ननावां जिला परिषद वार्ड में घुमारवीं क्षेत्र की पांच पंचायतें शामिल हैं, लेकिन वहां उम्मीदवार चयन को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं की गई और न ही समय रहते जानकारी दी गई। उनका कहना है कि यदि पार्टी के भीतर बेहतर समन्वय और संवाद होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि जिला परिषद उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्षों को दी गई थी। हालिया घटनाक्रम ने संगठनात्मक तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पंचायत चुनावों को लेकर जिले में कांग्रेस के अलग-अलग नेता अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिससे समन्वय की कमी दिखाई दे रही है।