ग्रामीण बोले, स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के गांव मिहाड़ा में बिजली बोर्ड की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध में ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान करते आ रहे हैं, ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ग्रामीणों ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले ही स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों के चलते बिजली के बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गांव में कई लोग तकनीकी रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि प्री-पेड रिचार्ज प्रणाली को समझ सकें। यदि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए तो बुजुर्गों, महिलाओं और कम पढ़े-लिखे लोगों को सबसे अधिक दिक्कत होगी। रिचार्ज खत्म होने पर अचानक बिजली कटने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों और किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मौजूदा बिजली व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है। उपभोक्ताओं को हर महीने मीटर रीडिंग के आधार पर बिल मिल रहा है और समय पर उसका भुगतान भी किया जा रहा है। ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के व्यवस्था बदलना न तो जनता के हित में है और न ही सरकार के लिए लाभकारी। स्मार्ट मीटर लगाने से सरकार पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ेगा। स्थानीय लोगों में विनीत, मनोज, प्रकाश, अश्वनी, रजनीश चंद्र, गिरधारी लाल, ओमप्रकाश, राजकुमार, रविराज, अमरजीत, रविंद्र कुमार और सुरेंद्र कुमार ने प्रदेश सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।