फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के गरामोड़ टोल प्लाजा पर हंगामा

विज्ञापन
गरामोड़ टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों ने दिया धरना। स्रोत: वीडियोग्रैब
विज्ञापन
कर्मियों ने दिनभर फ्री रखा टोल,स्था नीय कर्मी से की मारपीट का आरोप
विज्ञापन

समर्थन में उतरी कीरतपुर ट्रक यूनियन, केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ भी फूटा गुस्सा
प्रशासन, निहंग सिखों की मध्यस्थता के बाद मंगलवार तक टला आंदोलन, शाम 3:30 बजे बहाल हुआ टोल

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर स्थित गरामोड़ टोल प्लाजा वीरवार को एक बार फिर बड़े विवाद का केंद्र बन गया। टोल प्लाजा कंपनी के अधिकारियों द्वारा एक स्थानीय कर्मचारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और उसे नौकरी से हटाने के विरोध में सभी कर्मचारी भड़क गए। रोष में आए कर्मियों ने सुबह ही काम बंद कर दिया और टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
करीब पांच घंटे चले इस भारी बवाल के बाद पुलिस, ट्रक यूनियन और निहंग सिखों की मध्यस्थता से मामला शांत हुआ। टोल कर्मियों ने बताया कि वीरवार सुबह कंपनी के उच्च अधिकारियों ने अपनी तानाशाही दिखाते हुए पहले तो ड्यूटी पर तैनात स्थानीय कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की। इसके बाद एक कर्मचारी के साथ मारपीट करते हुए उसे तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया। स्थानीय युवाओं को जानबूझकर निशाना बनाए जाने से गुस्साए सभी कर्मचारी एकजुट हो गए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनके साथी कर्मचारी को ससम्मान काम पर वापस नहीं रखा जाता, तब तक टोल प्लाजा फ्री रहेगा और कोई भी कर्मी ड्यूटी पर नहीं लौटेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रक ऑपरेटर यूनियन कीरतपुर साहिब के प्रधान बलबीर सिंह भी अपने साथियों के साथ गरामोड़ टोल प्लाजा पहुंचे और कर्मचारियों के धरने में शामिल हो गए। प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि टोल अधिकारी आए दिन अपनी हरकतों से आम जनता को परेशान करते रहते हैं और अब स्थानीय कर्मचारियों का शोषण शुरू कर दिया गया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गरामोड़ टोल प्लाजा पर आए दिन होने वाले प्रदर्शनों के कारण यह क्षेत्र सुर्खियों में बना रहता है। वीरवार को हुए इस अचानक घटनाक्रम से पंजाब और अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश आ रहे पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। भीषण गर्मी के मौसम में वाहनों के पहिए थमने से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल नजर आए। स्थानीय जनता ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि चूंकि यह फोरलेन केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए न तो केंद्र इसके स्थाई समाधान पर विचार कर रही है, और न ही पंजाब व हिमाचल सरकार इस ओर ध्यान दे रही हैं। सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं और जनता पिस रही है। दोपहर बाद स्थिति तनावपूर्ण होती देख कीरतपुर साहिब के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद कीरतपुर ट्रक यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह, एक निहंग सिख जत्थेदार और टोल कंपनी के उच्च अधिकारियों के बीच एक आपात बैठक हुई। घंटों चली बातचीत में कंपनी प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वे हटाए गए कर्मचारी की बहाली और अन्य समस्याओं पर सकारात्मक विचार करेंगे। इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना धरना आगामी मंगलवार तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य हो सकी और टोल टैक्स की वसूली दोबारा शुरू की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
टोल कंपनी के अधिकारियों का रवैया पूरी तरह तानाशाही और गुंडागर्दी वाला है। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर निकाला जा रहा है। हमने साफ कर दिया है कि अगर मंगलवार तक हमारे साथी कर्मचारी को वापस काम पर नहीं लिया गया, तो टोल प्लाजा पर इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू होगा।
बलबीर सिंह, प्रधान, ट्रक ऑपरेटर यूनियन, कीरतपुर साहिब
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें