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Bilaspur News: बेरोजगार एमबीबीएस डॉक्टरों ने चिकित्सा अधिकारी भर्ती में पारदर्शिता की मांग की

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बेरोजगार एमबीबीएस डॉक्टरों और उनके अभिभावकों ने शनिवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री से की मुलाकात। स
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मंत्री धर्माणी को सौंपा ज्ञापन, कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने का रखा प्रस्ताव
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मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को दिया शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश के बेरोजगार एमबीबीएस डॉक्टरों ने तकनीकी मंत्री राजेश धर्माणी से भेंट कर चिकित्सा अधिकारी (सामान्य शाखा) की भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। घुमारवीं में आयोजित बैठक में ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों से लगभग पचास डॉक्टर और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
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इसमें प्रमुख रूप से दीनानाथ शर्मा, कामराज सेठी, अश्विनी राणा, विजय कुमार और सुनीता देवी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष दो मुख्य मांगें रखीं। पहली मांग में डॉक्टरों ने वर्णनात्मक परीक्षा की पारदर्शिता पर प्रश्न उठाया और इसे बहुविकल्पीय या कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में कराने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि इससे मूल्यांकन निष्पक्ष, त्रुटिरहित और पारदर्शी होगा। दूसरी मांग में उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा अधिकारी और आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी की तरह चिकित्सा अधिकारी (सामान्य शाखा) के पदों की भर्ती आधे प्रत्यक्ष और आधे बैच अनुसार की जाए। इससे लंबे समय से बेरोजगार वरिष्ठ डॉक्टरों को भी रोजगार मिलेगा और न्याय की भावना बनी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश में हजारों योग्य एमबीबीएस डॉक्टर वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं और यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी तो उनमें नया उत्साह और विश्वास जागेगा। मंत्री राजेश धर्माणी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाएगा। विभागीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र जारी किए जाएंगे।
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