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मेहला में बन रहा कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का फ्लाइओवर ब्रिज भू-स्खलन की जद में

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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत मेहला में निर्माणाधीन फ्लाइओवर के पिल्लर भू-स्खलन के बाद - फोटो : BILASPUR
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स्वारघाट/ बिलासपुर। मेहला गांव के समीप निर्माणाधीन कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के पुल की नींव शुक्रवार को तड़के भूस्खलन के चलते खिसक गई। इसमें पुल के चार पिलर ध्वस्त हो गए। यहां करीब 600 मीटर तक पुल निर्माण करवाया जा रहा है। इसमें करीब 12 पिल्लर का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुई। बताया जा रहा कि पुल के आसपास करीब 200 मीटर लंबी और 500 मीटर चौड़ाई तक की जमीन तबाह हो गई है।
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फ्लाई ओवर का काम पिछले दो साल से बंद पड़ा है क्योंकि, इसका निर्माण करने वाली कंपनी आइएलएंडएफएस निर्माण कार्य छोड़ जा चुकी है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार भूस्खलन वाली जगह से करीब 50 मीटर दूरी पर एक घर है। वहीं 150 मीटर दूरी पर मेहला गांव हैं। जिसकी 250 की आबादी पर भूस्खलन के बाद लगातार संकट बना हुआ है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं है। लेकिन बताया जा रहा है पहाड़ी में रूक रूक का भूस्खलन हो रहा है। जिससे बड़े खतरे की आशंका बड़ गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही उपमंडल प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर जाकर जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। बताते चलें कि वर्तमान में उक्त फोरलेन लेकर कैंचीमोड़ तक ही निर्माण कार्य चल रहा है। यह कार्य नए टेंडर लगने के बाद शुरू हुआ है। जबकि स्वाहण से आगे मेहला के पास जिस जगह फ्लाइओवर बन रहा है। वहां वर्तमान में कार्य बंद है।
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कंपनी द्वारा निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ने के बाद यह पुल सिर्फ पिलरों तक ही सीमित होकर रह गया है। भारी बारिश के चलते यहां अत्यधिक जमीन खिसकी है। ग्रामीणों ने एसडीएम नयना देवी सुभाष कुमार गौतम को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के लिए निर्देशित किया और पूरी रिपोर्ट बनाकर सौंपने के लिए कहा है।
पांच सालों में उक्त फोरलेन निर्माण कार्य में पेश आया दूसरा हादसा
पांच साल पहले कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए निर्माणाधीन टीहरा टनल भी जमीन में धंस गई थी। जिसमें दो मजदूरों को तो रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित निकाल लिया गया था। लेकिन एक मजदूर की मौत हो गई थी। उसके बाद उक्त टनल का कार्य बंद कर दिया गया था और हादसे के कारण जानने के लिए जांच बिठाई गई थी। वहीं कोर्ट में भी मामला चला है। लेकिन इस संबंध में पांच साल बाद भी कोई पता नहीं चल पाया कि हादसे की बजह क्या थी।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण के लिए जहां से टनलें और ब्रिज निर्मित किए जा रहे हैं वो जगह इस काबिल है या नहीं इसके ऊपर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जब इस फोरलेन का सर्वे हुआ तब किन मानकों के आधार पर इस पहाड़ी को टनलों के लिए फाइनल किया गया। जबकि यह पूरा क्षेत्र स्लाइडिंग जोन में आता है। किस आधार पर इसे निर्माण के लिए चयनित किया गया इसकी सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। -रामलाल ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं श्री नयना देवी जी विधायक
अभी नुकसान का हो रहा आकलन
फोरलेन निर्माण के लिए मेहला में अन रहा पुल भूस्खलन की जद में आया है। अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी नुकसान का आंकलन करने में जुटे है। इस हादसे में कितना नुकसान हुआ है बताना मुश्किल है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पूरी डिटेल बताई जा सकेगी।- अशोक झा, प्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
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