बिलासपुर में दो दुकानदारों को किराया न देना महंगा पड़ गया है। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों व नगर परिषद अधिकारियों ने मीट मार्केट स्थित दोनों दुकानों (11 व 12 नंबर) को खाली करवा दिया। इस दौरान दोनों दुकानदार नगर परिषद के अधिकारियों से समय की मोहलत मांगते रहे, लेकिन कोर्ट के आदेशों के अनुसार नप ने दोनों दुकानों को पुलिस के पहरे में खाली करवा दिया। अब नप दोनों दुकानों की दोबारा से नीलामी करवाएगा। नप की इस कार्रवाई से शहर के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया है।
सुबह 11 बजे चली इस कार्रवाई में तहसीलदार सदर भी मौजूद रहे। नप अधिकारियों के मुताबिक बिलासपुर में वर्ष 2000 में मीट मार्केट स्थित दुकान 11 जमील अख्तर व 12 रमेश कुमार नेे खुली नीलामी के दौरान इन दुकानों को किराए पर लिया था।
दुकानदारों द्वारा लंबे समय से नप को दुकानों का किराया नहीं दिया जा रहा था। इस पर नगर परिषद दुकानदारों को बार-बार किराया देने के लिए नोटिस दे रही थी, लेकिन दुकानदार इस पर गौर नहीं कर रहे थे। उसके बाद नगर परिषद ने इन दोनों दुकानदारों के खिलाफ सदर एसडीएम बिलासपुर की अदालत में किराये की वसूली व दुकान खाली करवाने के लिए केस दायर किए थे।
इस पर एसडीएम सदर की अदालत ने 10 नवंबर 2016 को फैसला सुनाते हुए दोनों दुकानों को खाली करने के आदेश दिए। इसमें उन्होंने तहसीलदार सदर व पुलिस की सहायता लेने को भी कहा था। उसके बाद नप बिलासपुर ने इन दुकानों को खाली करवाने के लिए सात फरवरी को दुकानदारों को 12 घंटे का नोटिस दिया था, लेकिन दुकानदारों ने दुकाने खाली नहीं की।
इस पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर, तहसीलदार सदर व पुलिस की देखरेख में मीट मार्केट स्थित दोनों दुकानों को खाली करवा दिया गया।
इस मौके पर नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता नरेश, सुभाष ठाकुर, कानूनगो बिलासपुर, पटवारी मेन मार्केट व अन्य नगर परिषद के कर्मचारी उपस्थित थे।