पुलिस ने मामला सामने आने के बाद उप प्रधान के घर पर जाकर भी की छानबीन
पंचायत प्रतिनिधि के बेटे का चिट्टा सप्लायर में नाम आने के बाद उठे सवाल
एक साल पहले पत्र से शिकायत भेजकर भी प्रशासन को दी थी सप्लायर की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच बुधवार सुबह थाना सदर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी-भराड़ी के पास पुलिस ने सुबह करीब 4:15 बजे नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान एक कार को रोक कर जांच की। कार में सवार दो व्यक्तियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 38.72 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
आरोपियों में शामिल एक ग्राम पंचायत बागी बिनौला के उप प्रधान का बेटा है। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों प्रीतम (27) निवासी बागी-बिनौला बिलासपुर और अरुण कुमार (42) निवासी नडियाणा हमीरपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले के सामने आते ही पुलिस की एक टीम उप प्रधान के घर भी पहुंची और वहां छानबीन की। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम को उसके घर पर कुछ हाथ नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार करीब एक साल पहले किसी व्यक्ति ने प्रशासन को एक पत्र लिखकर बताया था कि उप प्रधान का बेटा नशे के कारोबार में शामिल है। हालांकि पत्र में नाम-पते की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण प्रशासन ने केवल पूछताछ तक ही कार्रवाई सीमित रखी और मामला वहीं ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन अब चिट्टा बरामद होने के बाद वह पुरानी शिकायत फिर सुर्खियों में आ गई है। कुछ समय पहले सरकार ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार में शामिल लोगों की सूची उपलब्ध करवाने को कहा था। आशय यह था कि पंचायतें पारदर्शिता के साथ नशे के खिलाफ वास्तविक स्थिति बताएं। लेकिन अब उप प्रधान के बेटे के ही ऐसे मामले में पकड़े जाने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, ईमानदारी और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल है कि जब जन प्रतिनिधियों के परिवार ही ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाएं, तो फिर नशा मुक्त समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयास कैसे सफल होंगे?
कोट
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
पकड़े गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चिट्टा कहां से लाया गया, किसके लिए था और इसके पीछे कौन-सी सप्लाई चेन सक्रिय है। आने वाले समय में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं। शिव चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक