फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: एसडीएम के आदेश के एक साल बाद भी नहीं हटाए गए पेड़

विज्ञापन
विज्ञापन
- क्षेत्र में सड़कों के किनारे खड़े यह पेड़ दे रहे हादसों को न्योता
विज्ञापन

- बीती बरसात में जमीन जर्जर होने से जड़ों से कमजोर हो गए हैं पेड़

संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। करीब एक वर्ष पहले एसडीएम झंडूता योगराज धीमान के साथ वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें झंडूता क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़कों के किनारे हादसों को न्योता देते पेडों को हटाने का निर्णय लिया गया था। एसडीएम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ करीब दो दर्जन जगहों पर स्वयं मौके पर निरीक्षण किया था, लेकिन वन विभाग ने पेड़ों को हटाने की कोशिश नहीं की। जो इस बरसात में लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
बीती बरसात में आई आपदा ने तबाही मचाई थी। ऐसे में बरसात का मौसम शुरू होने से पहले प्रशासन सतर्कता बरतने जा रहा है। वहीं बरसात का मौसम आते ही लोगों की सांसें अटक जाती हैं। हालांकि प्रशासन ने उपमंडल स्तर पर बरसात में आने वाली आपदा से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए एसडीएम की सभी विभागों के अधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक होने वाली है। एसडीएम योग राज धीमान ने बताया कि प्रशासन बरसात के मौसम पर पैनी नजर रखे हुए है। सीर खड्ड के किनारे रहने वाले झुग्गी झोपड़ी, प्रवासी मजदूर और अन्य लोगों को दूर जाने के लिए कहा जा रहा है। उन लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग को समय से पहले ही नालियों को दुरुस्त करने को कहा गया है। इसके अलावा जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और होमगार्ड और अग्निशमन विभाग के साथ शिक्षा विभाग को भी जो बच्चे नदी नालों से होकर आते हैं, उन पर नजर रखने, विद्युत बोर्ड को पेड़ों की काट-छांट का कार्य बारिश से पहले करने को कहा गया है। इसके अलावा विकास खंड अधिकारी और लोक निर्माण विभाग द्वारा डंगों का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है। उन्होंने संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से बरसात के मौसम में प्रशासन का सहयोग करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम ने कहा कि बीते वर्ष वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक में निर्णय लिया गया था कि झंडूता क्षेत्र में दर्जनों ऐसे पेड़ हैं जो लोगों के लिए जानलेवा बने हुए हैं। कहीं यह पेड़ गिर जाएं तो लोगों को जानी नुकसान हो सकता है। इसके लिए उन्होंने करीब 12 जगह पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ स्वयं मौके पर पेड़ों को हटाने के लिए कहा था। लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में यह पेड़ लोगों के लिए कभी भी हादसों का शिकार हो सकते हैं। कहा कि वह लोनिवि से इसके बारे में जवाब तलब करेंगे। इन पेड़ों को बरसात से पहले हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें