चार हजार ट्रक ऑपरेटरों को पर्याप्त काम के लिए रोजाना चाहिए 12 हजार मीट्रिक टन ढुलाई
पहले तीन हजार मीट्रिक टन तक सिमट गया था काम, विरोध के बाद बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एसीसी बरमाणा में सीमेंट और क्लिंकर की ढुलाई का काम पिछले कुछ समय से आई भारी गिरावट के बाद अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा (बीडीटीएस) को पहले जहां प्रतिदिन ढुलाई की डिमांड घटकर करीब तीन हजार मीट्रिक टन तक रह गई थी, वहीं अब यह बढ़कर पांच से सात हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। हालांकि, डिमांड में बढ़ोतरी के बावजूद ट्रक ऑपरेटरों की परेशानी कम नहीं हुई है। करीब चार हजार ट्रक ऑपरेटरों के वाहनों को पर्याप्त काम देने के लिए रोजाना कम से कम 12 हजार मीट्रिक टन ढुलाई की जरूरत है। ऐसे में वर्तमान डिमांड जरूरत से काफी कम है और हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट बरकरार है।
वर्तमान में एसीसी बरमाणा से प्रतिदिन करीब 3500 से 3600 मीट्रिक टन क्लिंकर की ढुलाई हो रही है। इसके अलावा करीब एक हजार मीट्रिक टन सीमेंट पंजाब भेजा जा रहा है, जबकि शेष सीमेंट हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है। कुल मिलाकर प्रतिदिन करीब सात हजार मीट्रिक टन ढुलाई का काम हो रहा है। पहले यह डिमांड करीब तीन हजार मीट्रिक टन तक सिमट गई थी। अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन ट्रकों की संख्या को देखते हुए काम अभी भी पर्याप्त नहीं है।
नौ से दस हजार मीट्रिक टन तक डिमांड पहुंचने पर भी सभी ऑपरेटरों को पर्याप्त काम नहीं मिल पाएगा। इसके लिए रोजाना 12 हजार मीट्रिक टन से अधिक ढुलाई जरूरी है। हिमाचल में सीमेंट की खपत के अनुसार ही सप्लाई हो रही है। ऐसे में अब पंजाब में सीमेंट की सप्लाई बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में बीडीटीएस प्रबंधन स्तर पर बातचीत कर रहा है। पंजाब में बघेरी, रोपड़ सहित अन्य सीमेंट कंपनियों से मिल रही प्रतिस्पर्धा के कारण बाजार में अपनी सप्लाई बढ़ाना चुनौती बना हुआ है। यदि पंजाब में एसीसी की सप्लाई बढ़ती है तो बरमाणा से सीमेंट की ढुलाई का काम भी बढ़ सकता है। इससे ट्रक ऑपरेटरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बीडीटीएस के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने बताया कि सभा से जुड़े करीब 2500 ट्रक ऑपरेटर हैं, जबकि 1500 ऑपरेटर पूर्व सैनिक श्रेणी से जुड़े हैं। इस तरह करीब चार हजार ऑपरेटरों के परिवारों की आजीविका इस कारोबार पर निर्भर है। सभा पिछले 42 वर्षों से एसीसी बरमाणा में सीमेंट, क्लिंकर और अन्य सामग्री की ढुलाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब चार महीने से काम में आई कमी ने ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित की है। ट्रकों की किस्त, बीमा, मरम्मत, टायर, डीजल और चालक-परिचालकों के वेतन का खर्च लगातार उठाना पड़ रहा है, जबकि पर्याप्त ढुलाई नहीं मिलने से आमदनी कम हो गई है। इसका असर ट्रक चालकों, परिचालकों, मैकेनिकों, स्पेयर पार्ट्स विक्रेताओं, ढाबा संचालकों और ढुलाई कारोबार से जुड़े अन्य छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है।
दिवाली पर 2500 ट्रक ऑपरेटरों को बांटे 4.5 करोड़ रुपये
प्रदीप ठाकुर ने बताया कि बीडीटीएस की ओर से दिवाली पर अपने करीब 2500 ऑपरेटरों को विभिन्न मदों में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसमें ऑपरेटरों को उनके काम के आधार पर टीडीएस की राशि के अलावा डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और टोल का एरियर भी दिया गया है। दिवाली के उपहार के रूप में ऑपरेटरों को मोंटे कार्लो कंपनी के कंबल भी वितरित किए गए हैं।