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Bilaspur News: बिलासपुर अस्पताल में एकमात्र एमडी चिकित्सक के तबादले से बढ़ेगा मरीजों का मर्ज

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रोजाना 100 से अधिक मरीजों की रहती है ओपीडी, वरिष्ठ नागरिक सभा ने सरकार से तबादला रोकने की उठाई मांग
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डॉ. नरेश चौहान के नाहन मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन करने के निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के बीच एकमात्र एमडी चिकित्सक डॉ. नरेश चौहान के तबादले से मरीजों और तीमारदारों की चिंता बढ़ गई है। डॉ. नरेश चौहान को पदोन्नति के बाद मेडिकल कॉलेज नाहन में ज्वाइन करने के निर्देश मिले हैं। उनके नाहन जाने की स्थिति में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एमडी की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। डॉ. नरेश चौहान के पास रोजाना 100 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है।
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एकमात्र एमडी डॉ. नरेश चौहान लंबे काफी समय से मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास अधिकतर बुजुर्ग मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें अधिक समस्या का सामना करना पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिक सभा बिलासपुर ने सरकार से उनका तबादला तत्काल रोकने की मांग की है। सभा के महासचिव मस्तराम वर्मा ने कहा कि डॉ. नरेश चौहान दिन-रात मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद वह ड्यूटी समय के बाद भी मरीजों को देखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल से जनहित में तबादला निरस्त करने की मांग की। वहीं सभा के प्रेस सचिव सुशील पुंडीर ने कहा कि एकमात्र चिकित्सक का तबादला मरीजों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है। उन्होंने सरकार से नाहन भेजने के बजाय बिलासपुर में ही विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं जारी रखने का आग्रह किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉ. नरेश चौहान नाहन चले जाते हैं और उनके स्थान पर कोई अन्य एमडी तैनात नहीं किया जाता है, तो विशेषज्ञ उपचार के लिए मरीजों को एम्स बिलासपुर का रुख करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए इससे अतिरिक्त परेशानी और खर्च बढ़ेगा। लोगों ने सरकार से मांग की है कि तबादला रोकने के साथ खाली पड़े एमडी के पदों को भी जल्द भरा जाए।
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