बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता और कलोल के 22 वन मित्रों को पांच दिन तक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वन मित्रों को जंगलों की रक्षा, पौधरोपण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और तकनीकी कौशल से लैस करना था। पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में उन्हें वन विभाग के कार्यों की जानकारी दी गई। जंगलों में आग की रोकथाम व नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल तथा वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवासों की रक्षा के उपाय बताए गए। इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी देशराज संख्यान ने कहा कि वन मित्रों को जंगलों के संरक्षण और प्रबंधन के बारे में जानकारी प्रदान की गई।