प्रधानमंत्री के ग्रामीण डिजिटल अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन पेमेंट और ई-सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार के एक सदस्य को नजदीकी लोकमित्र केंद्र में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएता कि वह भविष्य में ऑनलाइन योजनाओं का लाभ उठा सके। प्रशिक्षण शिविर में स्कूल के बच्चे भी शामिल हो सकते हैं।
इसी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए वीरवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के लिए ग्रामीण स्तर अभियान छेड़ा जाएगा। इसके तहत लोगों को शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे ताकि सभी लोग ई-सेवाओं से जुड़कर उनका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गांवों में जिन व्यक्तियों को डिजिटल साक्षरता के बारे में जानकारी नहीं है, उन्हें गांव के ही नजदीकी लोक मित्र केंद्र में निशुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। शिविर में 20 घंटे लोगों को ऑनलाइन पेंमेंट सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएगी। शिविर में 14 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं। शिविर में हर रोज एक से दो घंटे लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला में अब तक 19 सीएससी सेंटरों में 309 व्यक्तियों का पंजीकरण डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण के लिए किया जा चुका है। उन्होंने एसडीएम और बीडीओ से कहा कि सीएससी केंद्रों का निरीक्षण करें और उनके साथ बैठकों का आयोजन कर इस अभियान का आगे बढ़ाएं। साथ ही आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को भी जागरूक करें, ताकि वह भी ई-सेवाओं से जुड़ सकें।
साथ ही अन्य लोगों को भी इस बारे में प्रेरित कर सकें। इसके अलावा जिन स्कूलों में कंप्यूटर लैब नहीं हैं और बच्चे प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, तो वह स्कूल प्रधानाचार्य की अनुमति से स्कूल समय के उपरांत नजदीकी सीएससी में प्रशिक्षण दिया जा सकता हैं। बैठक में डिजिटल साक्षरता अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर अधिकारियों के सुझावों पर भी मंथन किया गया।
जिला प्रबंधक सीएससी सुशील कुमार, जिला समन्वयक सविता शर्मा और मोनिका ने भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम, बीडीओ, सीडीपीओ और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।