एम्स बिलासपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित बीएसएफ चिकित्सा अधिकारी व अन्य। एम्स प
पंच -प्राण पहल के तहत चिकित्सा क्षमता को सुदृढ़ करने पर दिया जोर
महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक कौशल का सिखाया जाएगा प्रबंधन
देश के स्वास्थ्य और सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं यह कार्यक्रम : प्रोफेसर शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के कौशल और सिमुलेशन केंद्र में बीएसएफ चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिक्स के लिए तीन दिवसीय आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम पंच-प्राण पहल के तहत आयोजित किया गया है, इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों के चिकित्सा कर्मियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करना है।
इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को व्यापक प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों का अनुकरण कर व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा। इसमें देखभाल बिंदु और अल्ट्रासाउंड के उपयोग सहित बुनियादी और उन्नत वायुमार्ग प्रबंधन तकनीकों पर कार्यशाला भी शामिल है। प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिक्स को बुनियादी जीवन समर्थन (बीएलएस), आघात प्रबंधन, सदमा, जलन और मस्कुलोस्केलेटल चोटों जैसी समय-संवेदनशील आपात स्थितियों का कुशल प्रबंधन सिखाया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा कर्मियों की क्षमताओं को सुदृढ़ कर उन्हें महत्वपूर्ण आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है।
उद्घाटन सत्र में एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डीएन शर्मा ने कहा कि यह अपनी तरह की पहली पहल है जो सुरक्षा बलों और अन्य संस्थानों के बीच भविष्य में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और पैरामेडिक्स को इस महत्वपूर्ण कौशल को अपने सहयोगियों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। जालंधर के बीएसएफ बेस अस्पताल से सीएमओ डॉ. नरेश कुमार के नेतृत्व में बीएसएफ का दूसरा बैच इस प्रशिक्षण में भाग ले रहा है। इस बैच में 14 डॉक्टर और पैरामेडिक्स शामिल हैं। अगले तीन महीनों में बीएसएफ कर्मियों के कुल चार बैच इस विशेष प्रशिक्षण से गुजरेंगे। इस पहल का उद्देश्य बीएसएफ कर्मियों को आपातकालीन स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर शर्मा ने संकेत दिया कि एम्स बिलासपुर अन्य सुरक्षा बलों और चिकित्सा संस्थानों के साथ भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल देश के स्वास्थ्य और सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।