दंपती के साथ हुई मारपीट के बाद लदरौर रैली निकालते व्यापारी। स्रोत: वीडियोग्रैब
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज व्यापारियों ने की नारेबाजी
दो घंटे तक पूरी तरह बंद रहा बाजार, पुलिसकर्मियों के साथ हुई नोकझोंक
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। हमीरपुर-बिलासपुर सीमा पर स्थित लदरौर कस्बे में व्यापारी दंपती के साथ हुई मारपीट में सोमवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली और घटना के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने कस्बे में विशाल रोष रैली निकाली। इस दौरान बाजार दो घंटे तक पूरी तरह बंद रहा और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रोष रैली जब लदरौर बाजार से होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंची, तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक हो गई। व्यापारियों ने सीधा आरोप लगाया कि घटना वाले दिन यदि पुलिस समय पर उचित कदम उठाती, तो आज आरोपियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण ही क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कुछ दिन पहले लदरौर में एक स्थानीय व्यापारी ने अपनी दुकान के बाहर शराब की खाली बोतलें फोड़ने का विरोध किया था। इसी मामूली बात पर हमलावरों ने व्यापारी और उनकी पत्नी पर डंडों और तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला का सिर बुरी तरह फट गया है, जबकि व्यापारी का दांत टूट गया है। यह पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसकी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले में क्षेत्राधिकार को लेकर उलझाव बना रहा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमले के पांच दिन बाद तक भोरंज थाना में मामला दर्ज नहीं किया गया। अंत में मामला भराड़ी थाना में दर्ज हुआ। लोगों का कहना है कि पुलिस की यह कार्यप्रणाली अपराधियों को संरक्षण देने जैसी है। स्थानीय व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आने वाले दिनों में जनता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने के लिए मजबूर होगी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि देवभूमि की शांति भंग करने वाले ऐसे गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। रैली में भारी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और मांग की कि बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।