घुमारवीं में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, प्रभावित परिवारों से मिले
कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना, सात लाख मुआवजे का वादा आज तक अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित न करने के सवाल पर सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि इसकी जिम्मेदारी पूर्व यूपीए सरकार की है। 2013 में यूपीए सरकार ने एक नियम पारित कर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की प्रक्रिया ही समाप्त कर दी थी। इसके बाद से किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान ही नहीं बचा। इस विषय को संसद में कई बार उठाया गया, लेकिन कांग्रेस ने कोई निर्णय नहीं लिया।
जिले में भारी बारिश से आई प्राकृतिक आपदा के बाद हालात का जायजा लेने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर मंगलवार को घुमारवीं पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात की। उन्होंने ओल्ड बस स्टैंड के समीप प्रभावित उन नौ घरों का निरीक्षण किया जो डंगा गिरने के कारण खतरे की जद में आ गए हैं। इस मौके पर उनके साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग, स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और आपदा प्रभावित परिवार मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान ठाकुर ने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। प्रभावितों ने बारिश और डंगा टूटने से घरों में दरारें आने, छत टपकने और सामान खराब होने की स्थिति से अवगत कराया। कुछ परिवारों ने रोते हुए सांसद को बताया कि उनके पास न तो रहने की सुरक्षित जगह है और न ही रोजमर्रा का इंतजाम। इस पर ठाकुर ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों के घर खतरे में हैं, उन्हें तुरंत तिरपाल उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही अस्थायी रूप से किराए के कमरों में शिफ्ट किया जाए और उनका किराया व राशन प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रभावितों की हर संभव मदद करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पत्रकारों से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को 7 लाख रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया गया था। लेकिन सरकार ने केवल एक किस्त ही जारी की, बाकी मदद आज तक अधूरी है। उन्होंने कहा कि इस वजह से जनता का भरोसा सरकार से उठ गया है और प्रभावित परिवार खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपदा प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेंगे और किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। कहा कि प्रदेशभर में भारी बारिश से जमीन, मकान और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत मिलना उनका अधिकार है और प्रशासन को इस पर तेजी से कदम उठाने होंगे। उन्होंने अपील की कि इस समय राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।