घुमारवीं महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला भाग लेते छात्र और छात्राएं सहित अन्य
स्वामी विवेकानंद कॉलेज घुमारवीं में प्रोटेक्टिव एजिंग पर हुई कार्यशाला
एसडीएम ने युवाओं को बुजुर्गों के साथ समय बिताने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में प्रोटेक्टिव एजिंग (संरक्षित वृद्धावस्था) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, रेडक्रॉस सोसाइटी बिलासपुर, संस्था 'स्पर्श' और महाविद्यालय के रेड रिबन क्लब व एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में एसडीएम गौरव चौधरी ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
गौरव चौधरी ने विद्यार्थियों को बुजुर्गों के साथ समय बिताने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवारों में संवाद की कमी के कारण ही आज कई सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में परिवार के बुजुर्गों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों और वृद्धजनों के बीच एक विशेष संवाद सत्र हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने बुजुर्गों के प्रति अपने विचार रखे, वहीं पेंशनर एसोसिएशन के सदस्यों ने अपने जीवन के कड़वे-मीठे अनुभव युवाओं के साथ साझा किए। रेडक्रॉस सचिव अमित ने रक्तदान को मानवता की सेवा बताया। पीएचसी बडू साहनी से आई डॉक्टर प्रगति के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया। इसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता सोनिया, रीना कुमारी, अंजना शर्मा व अजीत कुमार ने 73 छात्र-छात्राओं के ब्लड, बीपी और शुगर की जांच की। इस दौरान जरूरतमंदों को दवाएं भी दी गईं। यूको बैंक से श्वेता ठाकुर ने बुजुर्गों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के सुरक्षित तरीकों के बारे में बताया। पुलिस विभाग की ओर से साइबर अपराध से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। तहसील कल्याण अधिकारी रमेश नड्डा ने हिमाचल सरकार की प्रोटेक्टिव एजिंग योजना की जानकारी दी। वृद्धाश्रम संचालक प्रकाश बंसल ने बताया कि वे आश्रम में आने वाले बुजुर्गों और उनके परिजनों की काउंसलिंग कर कई लोगों को दोबारा उनके परिवारों से जोड़ चुके हैं। ग्रामसभा सुधार समिति के अध्यक्ष अमरनाथ भारद्वाज ने भी विचार रखे। अंत में एसडीएम ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।