कृष्ण जन्म के उपलक्ष में भजन पर झूमते श्रद्धालु स्रोत: संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। मित्तियां में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन स्वामी हरि चेतनानंद ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार जीव मात्र के कल्याण के लिए तब होता है जब पृथ्वी पर अन्याय और अत्याचार बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब कंस, जरासंध और शिशुपाल जैसे अत्याचारी बढ़ गए, तब भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। मथुरा की जेल में भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए और वसुदेव-देवकी को दर्शन दिए। इसके बाद वसुदेव जी श्रीकृष्ण को गोकुल ले गए, जहां नंद बाबा के घर आनंद का वातावरण छा गया।