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केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं को स्थायी भवन के लिए खत्म हुआ 13 साल का इंतजार
शिक्षा विभाग ने फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए जमा करा दिया है एक करोड़
टकरेड़ा रोड पर कोर्ट परिसर के पास करीब 25 बीघा भूमि चिह्नित
इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय का अस्थायी भवन किया असुरक्षित घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं का स्थायी भवन बनने का 13 वर्ष से संजोया सपना आखिरकार साकार होने जा रहा है। राज्य सरकार ने विद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण और सभी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह है।
भारी बरसात के चलते इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय का अस्थायी भवन असुरक्षित घोषित हो गया था। इसके कारण कुछ कक्षाओं का संचालन राजकीय बाल विद्यालय घुमारवीं में किया जा रहा है, जबकि कई विद्यार्थी अभी भी अस्थायी भवन में ही पढ़ाई कर रहे हैं। लंबे समय से स्थायी भवन न होने की वजह से विद्यार्थियों और अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि जमीन शिक्षा विभाग के नाम हो गई है। एक करोड़ रुपये जमा करवा दिए गए हैं और फॉरेस्ट क्लियरेंस के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है। भवन निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे अब विद्यालय का सपना साकार होगा। विद्यालय भवन के लिए टकरेड़ा रोड पर कोर्ट परिसर के पास करीब 25 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। लंबे समय तक सरकारी फाइलों में फंसे रहने के कारण यह मामला अटका हुआ था। बजट पहले ही स्वीकृत था, लेकिन भूमि हस्तांतरण न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था।
नए भवन के निर्माण पर लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। प्रस्तावित भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कक्षा के लिए दो क्लासरूम, इंडोर स्टेडियम, खेल मैदान, प्रयोगशालाएं और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा शामिल होंगी। फिलहाल विद्यालय में 325 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि नया भवन बनने के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर अवसंरचना मिलने से शैक्षणिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
कोट
केंद्रीय विद्यालय की भूमि के लिए जितनी भी औपचारिकताएं थीं, वे सभी पूरी कर दी गई हैं। किसी भी तरह की कोई आपत्ति अब शेष नहीं है। उम्मीद है कि जल्दी ही केंद्रीय विद्यालय का भवन बनकर तैयार होगा।
रेनू कौशल, उपनिदेशक,उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर