बंदला स्कूल में अध्यापक की नियुक्ति के लिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते अभिभावक। संवाद
अभिभावकों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, बोले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
वरिष्ठ अध्यापिका के सेवानिवृत्त हो जाने से बढ़ी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदला इन दिनों शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। हालात ये हैं कि 62 बच्चों वाला यह स्कूल सिर्फ एकमात्र शिक्षक के सहारे चल रहा है। पढ़ाई पर पड़ रहे सीधे असर को देखते हुए अभिभावकों ने सोमवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में जल्द अध्यापकों की नियुक्ति की मांग उठाई।
अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय में स्टाफ की कमी पिछले कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ अध्यापिका के सेवानिवृत्त हो जाने से संकट और गहरा गया है। वर्तमान में एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं की जिम्मेदारी अकेले निभाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की अनदेखी का परिणाम बच्चों की पढ़ाई पर साफ दिखाई दे रहा है। कई बार कक्षाएं एक साथ लेनी पड़ रही हैं, जिससे न तो शिक्षक पढ़ा पा रहे हैं और न ही बच्चे सही ढंग से समझ पा रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बंदला और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों को मजबूरी में दूर के स्कूलों में भेजने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि मौजूदा स्थिति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही शिक्षा को प्राथमिकता देने का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पंचायत प्रधान सतीश ठाकुर भी शामिल रहे। उन्होंने भी प्रशासन के समक्ष स्कूल की समस्या को मजबूती से उठाया और कहा कि अध्यापक की तुरंत तैनाती न होने पर बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। अभिभावकों का कहना है कि अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की बुनियादी शिक्षा की नींव कमजोर हो रही है। विशेषकर प्राथमिक स्तर पर शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बंदला स्कूल में तुरंत नियमित अध्यापकों की तैनाती की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और स्कूल का शैक्षणिक माहौल दोबारा पटरी पर लौट सके।