30 साल पहले बनी थी सड़क उसके बाद नहीं हुआ काम, बरसात में नाला बन जाता है रास्ता
ग्रामीण मरीजों को ढाई किलोमीटर तक पालकी में ढोने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र झंडूता के तहत ग्राम पंचायत भड़ोली कला के गांव भडोली खुर्द (वार्ड नंबर-1) के ग्रामीणों ने पंचायत चुनावों के बहिष्कार का एलान कर दिया है। विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि जब उनके गांव में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई गईं, तो वे अपने मताधिकार का प्रयोग क्यों करें।
ग्रामीणों में राजेश कुमार चौहान, रोशन लाल, कृष्ण लाल, राकेश कुमार, रमेश चंद, इंद्र सिंह, दीनानाथ, अमरनाथ, सुनील कुमार, श्यामलाल, विक्रम सिंह, विजय कुमार, मुकेश कुमार, करतार सिंह, सुखदेव, महेंद्र सिंह और पवन कुमार ने बताया कि उनके गांव के लिए करीब 30 वर्ष पहले चिलां वाला मोड़ से माध्यमिक पाठशाला बागड़ू तक सड़क निकाली गई थी, लेकिन उसके बाद आज दिन तक इस सड़क पर कोई कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि करीब ढाई किलोमीटर लंबी यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। हर वर्ष बरसात के मौसम में यह सड़क नाले का रूप ले लेती है, जिससे आवाजाही लगभग ठप हो जाती है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को हर साल अपने स्तर पर ही सड़क की मरम्मत करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि यह सड़क पंचायत सनीहरा और पंचायत घंडीर को भी जोड़ती है। यदि इसे पक्का किया जाए तो दो पंचायतों के सैकड़ों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब हालत के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति, बीमारी या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए लोगों को ढाई किलोमीटर तक पैदल चलकर या पालकी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। यह स्थिति कई बार गंभीर और जानलेवा बन जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर विधानसभा और पंचायत चुनाव में नेताओं द्वारा उन्हें बड़े-बड़े वादे करते हुए प्रलोभन दिए जाते हैं। चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं आता। उनका कहना है कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इसी के चलते ग्रामीणों ने एक स्वर में निर्णय लेते हुए पंचायत चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क को पक्का नहीं किया जाता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जातीं, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे। उधर, बीडीओ झंडूता संजीव पुरी ने कहा कि इस प्रकार का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ग्रामीणों की ओर से कोई शिकायत आती है तो नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।