बिलासपुर मुख्य सड़क के किनारे दुकानों का निरीक्षण करते एसडीएम सदर डा. राजदीप सिंह। संवाद
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण घुमारवीं ने सुनाया मामले में फैसला
7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देनी होंगे रुपये, परिजनों में बंटेगी राशि
18 मार्च 2017 को घुमारवीं के पास कार की टक्कर से हुई थी बुजुर्ग की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण घुमारवीं ने एक सड़क हादसे में मारे गए वृद्ध व्यक्ति के परिजनों को 2.65 लाख मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधिकरण के अध्यक्ष डॉ. मोहित बंसल ने यह आदेश सुनाते हुए कहा कि घटना में वाहन चालक की लापरवाही साबित हुई है, इसलिए बीमा कंपनी प्रभावित परिवार को यह राशि ब्याज सहित अदा करेगी।
मामला 18 मार्च 2017 का है। बुजुर्ग रूप लाल (77) उस दिन अपने गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में घुमारवीं से आ रही कार ने उन्हें सड़क किनारे टक्कर मार दी। हादसे में वो गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुमारवीं ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। दुर्घटना के समय वाहन का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मंडी शाखा के पास था। न्यायाधिकरण ने यह माना कि चालक ही दुर्घटना के लिए जिम्मेदार था। हालांकि, वाहन बीमित था, इसलिए बीमा कंपनी को 2,65,700 की राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करनी होगी। यह राशि मृतक की पत्नी, दो पोतों और बहू कमला देवी के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। एक पोता जो नाबालिग है उसका हिस्सा उसके व्यस्क होने तक बैंक में जमा रहेगा। अदालत ने गवाहों के बयानों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस दस्तावेजों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई थी। अदालत ने कहा कि मृतक की आय के साक्ष्य नहीं मिले, पर न्यूनतम मजदूरी के आधार पर आय का निर्धारण कर मुआवजा तय किया गया है।