कुंड के पास हो रही शराब की पार्टियां, फेंके जा रहे पैकेट बंद खाद्य पदार्थ
कुंड से दो पेयजल योजनाएं भी चल रही, पानी के दूषित होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर) उपमंडल झंडूता में आने वाले ऐतिहासिक रुक्मिणी कुंड लोगों की आस्था का केंद्र है, वहीं इस कुंड से दो उठाऊ पेयजल योजनाएं भी बनाई गई हैं। बावजूद इसके कुछ लोग इस कुंड को अय्याशी का अड्डा बनाकर धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। जबकि कुछ लोग जगह-जगह शराब और बीयर की पार्टियां करके बोतलों और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को फेंककर पेयजल को दूषित भी कर रहे हैं।
इस पवित्र स्थल में हर साल बैसाखी को मेला लगता है। इसके अलावा प्रदेश भर से श्रद्धालु साल भर यहां हजारों की संख्या में पवित्र स्नान करने आते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नानागार बनाए हैं, लेकिन कुछ लोग इन स्नानागारों का प्रयोग करने की अपेक्षा कुंड में नहा रहे हैं, जिससे न केवल इसका पानी गंदा हो रहा है। बल्कि कुछ लोग इसके आसपास शराब और बीयर की पार्टियां कर रहे हैं, जिससे लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। पार्टियों के लिए प्रयोग की जाने वाली पैकेट बंद खाद्य सामग्री और खाली पैकेट भी कुंड में आकर गिर रहे हैं, जिससे पानी दूषित हो रहा है। कुंड के आसपास जगह-जगह बिखरी पड़ी शराब और बीयर की बोतलों से यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कुंंड से दो पेयजल योजनाएं संचालित हैं, जिसमें एक उठाऊ पेयजल योजना मझौन-मझासू और दूसरी उठाऊ पेयजल योजना राहियां-पलथीं-सेपड़ा है। इन दोनों पेयजल योजनाओं से घुमाणी, अवारी, बागठेडू, बकरोआ, पेहड़वीं, सनौर, पनोह, खुराड़ी, दड़याणा, सेपड़ा, पलथीं, औहर, भंजवाणी और प्लेह गांवों को पानी की आपूर्ति की जाती है। संबंधित गंदगी पानी में मिलने से जल जनित रोगों के फैलने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
उधर, पूर्व पंचायत प्रधान एवं भाजपा किसान मोर्चा घुमारवीं के अध्यक्ष देश राज शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग को चेताते हुए कहा है कि यदि लोगों की आस्था और स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठाए गए तो लोकहित में प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं किया जाएगा।
रूक्मणी कुंड में नहाते लोग। स्रोत: जागरूक पाठक