बिना पहचान पत्र, अन्य दस्तावेजों से घूम रहे रेहड़ी वालों पर लगे अंकुश
व्यापार मंडल बिलासपुर के पदाधिकारी उपायुक्त से जल्द करेंगे बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर में आए दिन नए-नए रेहड़ी फडी की भारी आमद से कारोबार पर असर पड़ने से स्थानीय व्यापारी वर्ग परेशान हैं। व्यापारियों की मानें तो बिलासपुर में त्योहार ही ऐसे मौके होते हैं, जहां पर सामान के बिक्री की आस बंधी होती है। लेकिन रेहड़ी वालों ने उनसे यह मौका भी छीन लिया है।
हैरानी की बात है कि बिना पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों से घूम रहे दुकानदार हर प्रकार कर सामान गली, गली और मोहल्ले में जाकर बेच रहे हैं। ऐसे में बिलासपुर में स्थायी रूप से काम कर रहे दुकानदारों को कोई पूछ नहीं रहा है। पहले से मंदी की मार झेल रहे स्थानीय दुकानदार और व्यापारी परेशान हैं। यह लोग कौन है, कहां से आते हैं, कहां गायब हो जाते हैं। इनके पास सामान बिक्री करने के जरूरी दस्तावेज भी नहीं हैं जिससे स्थानीय दुकानदारों का काम प्रभावित हो रहा है। कहा कि बिलासपुर में फोरलेन बनने से अधिकांश व्यापार खत्म हो चुका है जबकि रही कसर ऑनलाइन शॉपिंग ने पूरी कर दी है। उन्होंने मांग की है कि बिना पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेजों के सामान बेचने वाले रेहड़ी फड़ी वालों पर अंकुश लगाया जाए। व्यापारियों में अभय, ज्योति प्रकाश, कश्मीर, राजेश, संदीप सहित अन्य व्यापारियों ने बताया कि बिलासपुर के हालात सामान्य न होने से बिलासपुर में व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है।
हालात इस कदर हो चुके हैं कि ग्राहक दुकान तक पहुंच नहीं पा रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग का प्रचलन भी दुकानदारी प्रभावित होने का एक कारण है। इन दुकानदारों का मानना है कि ऐसे लोगों पर अंकुश लगना चाहिए जो बिना दस्तावेजों से अचानक शहरों में आ धमकते हैं और व्यापार को प्रभावित करते हैं। नियमानुसार कोई भी रेहड़ी फड़ी विक्रेता अपना सामान कहीं भी बेच सकता है जिस पर नगर पालिका की ओर से तहबाजारी के तहत पर्ची काट कर इतिश्री कर ली जाती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उधर, व्यापार मंडल बिलासपुर के पदाधिकारियों का कहना है कि वे उपायुक्त से इस बारे में बात करेंगे कि जिला की शांति न भंग न हो। इन लोगों के दस्तावेज सही तरीके से जांच जाएं।