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Bilaspur News: भूमि सीमांकन के दौरान पटवारी-कानूनगो पर हमलों से महासंघ में आक्रोश

Mon, 19 Jan 2026 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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बिलासपुर में एडीसी को ज्ञापन सौंपते संयुक्त कानूनगो एवं पटवारी महासंघ के पदाधिकारी। स्रोत: महास
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संयुक्त महासंघ ने सरकार को सौंपा ज्ञापन, प्रदेशव्यापी हड़ताल की दी चेतावनी
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चंबा, मंडी और ऊना में राजस्व कर्मचारियों पर हुए हैं हमलों के मामले
16 जनवरी को ऊना में सीमांकन के दौरान पटवारी-कानूनगो पर हुआ था हमला

संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। प्रदेश में भूमि सीमांकन (डिमार्केशन) और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पटवारी व कानूनगो कर्मचारियों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर संयुक्त कानूनगो एवं पटवारी महासंघ बिलासपुर ने कड़ा रोष जताया। महासंघ ने इस संबंध में प्रदेश सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में जिला चंबा, मंडी और ऊना में राजस्व कर्मचारियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमले किए गए हैं। विशेष रूप से 16 जनवरी 2026 को ऊना में भूमि सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पटवारी और कानूनगो पर किया गया हमला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। महासंघ का कहना है कि पटवारी व कानूनगो राज्य सरकार के आदेशों के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें लगातार जान का खतरा बना हुआ है। इन घटनाओं से कर्मचारियों में भय का माहौल व्याप्त है, जिससे सरकारी कार्यों के निष्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संयुक्त कानूनगो एवं पटवारी महासंघ ने प्रदेश सरकार से हमलों में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाने, भूमि सीमांकन, अतिक्रमण हटाने व अन्य संवेदनशील राजस्व कार्यों के दौरान पुलिस सुरक्षा अनिवार्य करने, घायल कर्मचारियों को उचित उपचार, मुआवजा एवं सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।
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महासंघ ने चेतावनी दी है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास करने के तहत मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी नहीं की गई, तो मंगलवार से पूरे प्रदेश में पटवारी और कानूनगो काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। महासंघ ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी। महासंघ ने यह भी कहा कि यदि सरकार की ओर से शीघ्र और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार और आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अंत में महासंघ ने भरोसा जताया कि प्रदेश सरकार इस गंभीर मामले को प्राथमिकता देते हुए राजस्व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, ताकि वे बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
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