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Bilaspur News: प्रभावित मकानों से जुड़े मामले में बिजली बोर्ड समिति ने सुनी शिकायतें

Mon, 12 Jan 2026 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कंदरौर में गठित जांच समिति के समक्ष शिकायतकर्ता ने सौंपे आवेदन
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बिजली बोर्ड ने बताया ,विभागीय शिकायतों की तथ्यात्मक समीक्षा के लिए बनाई गई है समिति
विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव की शिकायतों पर शुरू हुई है कार्रवाई


संवाद न्यूज एजेंसी

बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के तहत सड़क निर्माण में प्रभावित बताए जा रहे मकानों के बिजली कनेक्शन की शिकायतों को लेकर गठित जांच समिति ने सोमवार को सुनवाई प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके तहत समिति ने दोपहर 12:30 बजे विद्युत बोर्ड उपमंडल कंदरौर में उपस्थिति दर्ज करवाई।
विद्युत बोर्ड के एसडीओ कंदरौर की ओर से पहले ही समिति को सूचित किया गया था कि गठित जांच समिति के समक्ष संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए जाएं। इस पर समिति ने जांच समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों को अपने आवेदन पत्रों की एक-एक प्रति उपलब्ध करवाई और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी। जांच के दौरान समिति के अध्यक्ष की ओर से उन विद्युत उपभोक्ताओं का विवरण मांगा गया, जिनका मुआवजा आवंटन होने के बावजूद मकान अभी भी मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं। इस पर समिति ने विद्युत मंडल घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मौजों के मकान मालिकों के नाम दर्ज करवाए। समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मौजा रोहिण के दो, पनोह के तीन, बागठेहड़ू के दो, बकरोआ के एक, पलथीं के छह, मौजा औहर के चार मकान मालिकों के नाम जांच के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। जांच समिति के अध्यक्ष ने प्रस्तुत किए गए सभी रिकॉर्ड की नियमानुसार छानबीन करने का आश्वासन दिया। साथ ही समिति को अगली सुनवाई की तिथि उनके मोबाइल फोन पर सूचित करने की बात भी कही गई।
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हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से गठित जांच समिति का उद्देश्य विद्युत बोर्ड से संबंधित शिकायतों और मुद्दों की तथ्यात्मक समीक्षा करना है। कहा कि समिति शिकायतकर्ता की ओर से उठाए गए विभाग से जुड़े बिंदुओं को बिंदुवार सुनेगी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनकी जांच करेगी। जांच के दौरान यदि कोई विषय बिजली बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार संबंधित विभाग से जोड़ा जाएगा। अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि बिजली बोर्ड एक सेवा प्रदाता है और बिजली आपूर्ति, मीटर व कनेक्शन से जुड़े मामलों की ही विभागीय स्तर पर समीक्षा की जाती है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
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