उपायुक्त से मिले ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन
स्वाहन वार्ड में रखने के फैसले पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत छड़ोल और कचौली को जिला परिषद वार्ड स्वाहन में शामिल किए जाने के प्रशासनिक फैसले के खिलाफ ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए दोनों पंचायतों को जिला परिषद वार्ड जुखाला में शामिल करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं संघर्ष समिति के सदस्य नरवीर सिंह ठाकुर ने किया। ज्ञापन में प्रशासनिक सुविधा, दूरी की समस्या और जनहित का हवाला देते हुए अधिसूचना में संशोधन की मांग की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जारी अधिसूचना के तहत ग्राम पंचायत छड़ोल और कचौली को जिला परिषद वार्ड जुखाला में शामिल किया गया था, जिससे उन्हें काफी राहत मिली थी। लेकिन हाल ही में दोबारा जारी अधिसूचना में दोनों पंचायतों को स्वाहन वार्ड में रखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए असुविधाजनक और अन्यायपूर्ण है, क्योंकि उनके सभी प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य बिलासपुर सदर क्षेत्र में ही संपन्न होते हैं। कहा कि दोनों पंचायतें प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह बिलासपुर सदर से जुड़ी हुई हैं। दोनों पंचायतें एसडीएम सदर बिलासपुर के अधीन हैं। क्षेत्र तहसील सदर बिलासपुर में आता है। कल्याण विभाग, जल शक्ति विभाग जुखाला उपमंडल, लोक निर्माण विभाग उपमंडल-3 बिलासपुर के अंतर्गत हैं। बिजली बोर्ड मंडल व उपमंडल बिलासपुर में है। पंचायत समिति एवं विकास खंड सदर बिलासपुर के अधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास परियोजना अधिकारी का दायरा भी बिलासपुर मुख्यालय से जुड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब समस्त प्रशासनिक कार्य बिलासपुर जिला मुख्यालय और सदर में होते हैं तो जिला परिषद वार्ड भी उसी क्षेत्र में होना चाहिए। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि यदि उन्हें स्वाहन वार्ड में रखा गया तो कई प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि संबंधी कार्यों के लिए स्वारघाट जाना पड़ेगा। यह दूरी न केवल समय की बर्बादी करेगी बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि एक छोटे से कार्य के लिए लंबी दूरी तय करना ग्रामीणों के लिए व्यावहारिक नहीं है। कहा कि पंचायतों को जुखाला वार्ड में शामिल करना जनहित और प्रशासनिक समन्वय की दृष्टि से उचित होगा। इससे एक ही छत के नीचे सभी विभागीय कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकेंगे और लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उपायुक्त ने उनकी आपत्तियों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि दोनों पंचायतों को जुखाला वार्ड में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।