दुरुपयोग की आशंका के चलते दिए आदेश
पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आया था मामला
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रधान पद से संबंधित 50 मतपत्र गुम होने का मामला सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित सभी मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से अमान्य घोषित कर दिया है। आयोग ने दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किए हैं।
बामटा पंचायत के वार्ड नंबर-01 जंगल सुंगल में प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नाम मतपत्रों पर अंकित किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान मतपत्र क्रमांक 58001 से 58050 तक लापता पाए गए। चुनाव संबंधी प्रक्रिया सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार की निगरानी में हो रही थी। मतपत्र गुम होने की जानकारी मिलते ही मामले की विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई। इसके बाद आयोग ने संबंधित मतपत्रों को निरस्त एवं अमान्य घोषित कर दिया। उधर,
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मामले को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गुम हुए मतपत्रों की तलाश की जा रही है।
सभी अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि उक्त मतपत्र राज्य में कहीं भी प्राप्त होते हैं अथवा किसी मतपेटी में पाए जाते हैं तो इसकी सूचना तुरंत राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाए। पंचायत चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।