- स्वास्थ्य कर्मियों ने वरिष्ठ नागरिक का उपचार करने से किया था इनकार
- दोबारा जांच रिपोर्ट बनाने के दिए आदेश, जांच पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नागरिक अस्पताल घुमारवीं में स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से वरिष्ठ नागरिक का उपचार नहीं करने की शिकायत पर बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट में कई खामियां पाई गई हैं। उच्च अधिकारियों ने घुमारवीं अस्पताल प्रबंधन को दोबारा जांच-रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट को वापस भेज दिया है। इसके बाद अस्पताल की ओर से गठित की गई कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गया है।
शिकायतकर्ता उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत तकरेड़ा के 71 वर्षीय जगदीश ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया था कि 24 अप्रैल सुबह करीब 6:00 बजे खेतों में घास काटते हुए दराती से उंगली कट गई। कटी उंगली का इलाज करवाने करीब 7:00 बजे सिविल अस्पताल घुमारवीं के आपात कक्ष में पहुंचे, जहां पर कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थीं। उनसे पर्ची बनाकर इलाज करने का आग्रह किया। उन्होंने इलाज करने से इनकार कर सुबह 9:30 बजे के बाद अस्पताल आने को कहा। इसके बाद वह अपने घर वापस आ गए। घर के नजदीक हेल्थ सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां भी सुबह 11:00 बजे तक ताला लटका हुआ था। कटी उंगली को लेकर शाम को करीब 3:00 बजे दोबारा हेल्थ सेंटर पहुंचे तो वहां फिर ताला पाया गया। इसके बाद शाम को सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचे तब जाकर उनका इलाज संभव हो पाया। लिखित शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की, लेकिन ऐसा लगता है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अपनी कमियों को छुपाने के लिए आधी अधूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
कोट
जांच रिपोर्ट की कॉपी कार्यालय में पहुंची थी। रिपोर्ट में कई कमियां हैं। इसके बाद रिपोर्ट को वापस घुमारवीं अस्पताल को भेज कर दोबारा से जांच रिपोर्ट बना कर भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।
- डॉ. प्रवीण चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिलासपुर