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स्वच्छता सर्वेक्षण में शौचालयों की सफाई व्यवस्था की खुली पोल, मिले शून्य अंक
सफाई, कचरा प्रबंधन के मानकों में भी पिछड़ा है जिले का प्रमुख शहर
20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में 1771 वें स्थान पर, हिमाचल में भी 46वीं रैंक
घर-घर कचरा संग्रहण भी हो रहा मात्र 40 फीसदी, कचरा प्रोसेसिंग 43 फीसदी
सरोज पाठक
बिलासपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट ने बिलासपुर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत इतनी खराब पाई गई कि इस मापदंड पर बिलासपुर को शून्य अंक मिले हैं। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि नगर परिषद इस बुनियादी सुविधा को लेकर कितनी लापरवाह रही है। हालांकि आवासीय क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को 100 प्रतिशत अंक मिले हैं, जिससे कि नगर परिषद को आंशिक राहत मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में बिलासपुर नगर परिषद का प्रदर्शन इस बार बेहद निराशाजनक रहा है। 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर 1771वां स्थान और हिमाचल प्रदेश में 46 वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह रैंकिंग नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और प्रबंधन क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस रिपोर्ट में साफ हुआ है कि नगर परिषद बिलासपुर में घर-घर कचरा संग्रहण केवल 40 प्रतिशत क्षेत्र तक ही सीमित है। कचरे का पृथक्करण भी सिर्फ 51 प्रतिशत तक ही हो पाया है, जबकि गाइडलाइन के अनुसार यह 100 प्रतिशत होना आवश्यक है। इन दोनों क्षेत्रों में गिरावट नगर परिषद के कार्य निष्पादन की पोल खोलती है। रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ है कि नगर परिषद केवल 43 प्रतिशत कचरे का ही प्रोसेसिंग कर पा रही है। हालांकि, डंप साइट्स के उपचार में इसे 75 प्रतिशत अंक मिले हैं। शहर के जल स्रोतों और तालाबों की सफाई व्यवस्था को लेकर 100 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं, जो सराहनीय है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट से साफ हुआ है कि नगर परिषद बिलासपुर ने यदि समय रहते कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में रैंकिंग और भी नीचे जा सकती है। अब जरूरी है कि नगर परिषद रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए। नगर परिषद बिलासपुर के तहत बिलासपुर जिले का मुख्य शहर है। यहां पर ही सभी अधिकारियों के मुख्यालय भी हैं। हर दिन सफाई अभियान चलाए जाते हैं। लेकिन इस रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि यह केवल दिखावे की योजनाएं चलाई हैं। न तो सफाई नियमित हो रही है, और न ही शौचालयों की मरम्मत या सफाई की कोई ठोस व्यवस्था है। कई मोहल्लों में अब भी कचरे के ढेर लगे हैं और डोर-टू-डोर कलेक्शन सिर्फ कागजों तक सीमित है। नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम ने कहा कि रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।
इनसेट
बिलासपुर नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 रिपोर्ट कार्ड, मापदंड प्रदर्शन
राष्ट्रीय रैंक 20,000 से कम आबादी में 1771 स्थान मिला है। राज्य रैंक हिमाचल प्रदेश 46वें स्थान पर है। जबकि गत वर्ष यह 10वें स्थान पर था। सर्वेक्षण में पाया गया कि नप में घर-घर कचरा संग्रहण 40 फीसदी, कचरा पृथक्करण 51 फीसदी, कचरा प्रोसेसिंग 43 फीसदी, डंपिंग साइट उपचार 75 फीसदी, आवासीय क्षेत्रों की सफाई 100 फीसदी,जल स्रोतों की सफाई 100 फीसदी और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता 0 फीसदी है। संवाद