पीड़ित महिला का कहना, स्वास्थ्य विभाग की ओर से नहीं मिला न्याय
निजी अस्पताल में महिला को दी गई थी एक्सपायरी दवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। बिलासपुर शहर में मौजूद निजी अस्पताल में मरीज को एक्सपायरी दवाई देने का मामला अब पुलिस में पहुंच गया है। पीड़ित महिला ने पुलिस थाना भराड़ी में शिकायत पत्र देते हुए अस्प्ताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पीड़ित महिला ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से उचित न्याय न मिलने की बात कही है। पीड़ित महिला की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पीड़ित महिला आशा देवी ने पुलिस में शिकायत देते हुए कहा कि वह पथरी, रसौली जैसी बीमारी से ग्रस्त है। महिला के अनुसा 22 मई को वह अपना उपचार करवाने के लिए बिलासपुर शहर में निजी अस्पताल में गई थी। जहां पर चिकित्सक की ओर से टेस्ट आदि करवाकर दवाई लिखी गई। अस्पताल की ओर से उसे जो दवाई दी गई वह उसने खा ली। दवाई खाने के बाद इसे चक्कर आने लगे। बड़ी मुश्किल से वह आने घर पहुंची। बाद में परिजनों ने दवा देखी तो पता चला कि जो दवाई अस्पताल की ओर से दी गई है वह एक्सपायर हो चुकी है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार अस्पताल की ओर से जो दवाई का कैश मेमो दिया गया है उस पर भी दवा की तिथि जो लिखी गई है वह एक्सपायरी है। ऐसे में अस्पताल की ओर से लापरवाही बरती गई है। महिला ने बताया कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन विभाग की तरफ से किसी प्रकार का इंसाफ नही मिला। अब महिला ने इस संदर्भ में थाना में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
महिला के अनुसार जब उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर से मामले को लेकर पूछा तो ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने माना कि गलती से एक्सपायरी दवा दी गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गलती स्वीकारने से ही मामला बंद हो गया है तो हजारों जिंदगियां जिन्हें इस तरह की लापरवाही से मुश्किलों का सामना करना पड़ता है तो उन्हें इंसाफ कौन दिलाएगा। इस संदर्भ में पुलिस उपाधीक्षक घुमारवीं विशाल वर्मा ने कहा कि शिकायत मिली है। जांच की जा रही है।