मरीज हो रहे परेशान, इलाज के लिए भराड़ी-घुमारवीं की दौड़
ग्रामीणों ने जनसहयोग से दी मशीन, डॉक्टर न होने से सुविधा बेकार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के बप्याड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
बता दें कि बप्याड़, बाग, मकड़याह, थड़ोह, पालमी, भटवाड़ा, मंझोटी, मरहाणा, बगेड़ू समेत आसपास के कई गांवों के लोग इलाज के लिए इसी पीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन यहां चिकित्सक न होने से लोगों को जरूरी उपचार नहीं मिल पा रहा है। बप्याड़ पीएचसी को सुदृढ़ बनाने के लिए क्षेत्र के ग्रामीण लगातार सहयोग करते रहे हैं। हाल ही में ग्राम मकड़याह के लोगों ने जनसहयोग से करीब एक लाख रुपये लागत की ईसीजी मशीन भेंट की थी, ताकि क्षेत्र में हृदय रोग सहित अन्य बीमारियों की जांच सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का उद्देश्य था कि लोगों को घर-द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और किसी को बिना उपचार के परेशान न होना पड़े। लेकिन चिकित्सक का तबादला होने के बाद यह आधुनिक मशीन उपयोग के अभाव में धूल फांक रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बप्याड़ में डॉक्टर न होने से मरीजों को भराड़ी या घुमारवीं अस्पताल जाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिसके चलते लोगों को टैक्सी किराए पर लेकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय चिकित्सक संघ के राज्य अध्यक्ष डॉ. ऋतिक शर्मा सहित स्थानीय ग्रामीणों में मोहिंदर, बलबीर, आशीष, दिनेश, कर्म सिंह, सुरम सिंह, राज देवी, पिंकी, लीला देवी, सुमन, अनीता, नीलम, शशि, सुभाष और इंद्र ने प्रशासन से तुरंत बप्याड़ पीएचसी में चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लाखों रुपये का योगदान दे रहे हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह बुनियादी व्यवस्था सुनिश्चित करे। वहीं बीएमओ घुमारवीं डॉ. अनुपम ने बताया कि चिकित्सक के तबादले के बाद फिलहाल फार्मासिस्ट कार्यभार संभाल रहे थे, लेकिन वह भी पिछले तीन दिनों से अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नए चिकित्सक की उपलब्धता होगी, बप्याड़ पीएचसी में तुरंत तैनाती कर दी जाएगी।