विशेष जिला सत्र अदालत बिलासपुर का बड़ा फैसला, चार आरोपी दोषी करार
तीन अन्य दोषियों को भी भुगतना होगा चार-चार साल का कठोर कारावास
-मामले से जुड़े दो आरोपियों को कोर्ट ने किया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष जिला सत्र न्यायाधीश बिलासपुर चिराग भानू सिंह की अदालत ने सोमवार को चरस तस्करी के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चार युवकों को दोषी ठहराया। अदालत ने चार में से एक दोषी को नौ साल का कठोर कारावास और एक लाख जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। वहीं, अन्य तीन दोषियों को चार-चार साल का कठोर कारावास, 50-50 हजार रुपये जुर्माना भरने को कहा।
अदालत ने कहा कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में तीनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी मामले से जुड़े दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। बताते चलें कि 25 जुलाई 2020 को स्वारघाट क्षेत्र में पुलिस टीम गश्त पर थी। री गांव के लिंक रोड पर एक सुनसान जंगल में खड़ी सफेद रंग की कार ने पुलिस का ध्यान खींचा। कार में चालक सहित चार लोग बैठे थे, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कार की डिक्की से एक कैरी बैग बरामद हुआ, जिसमें 1.642 किलो चरस पाई गई। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया ने की। उन्होंने अदालत में 23 गवाह पेश किए, जिनकी गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पंजाब फजिल्का के शिवम मोंगा, सिरमौर के अंकित शर्मा व राकेश कुमार को दोषी करार दिया। कुल्लू निवासी हेम राज को भी दोषी ठहराते हुए नौ साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मामले से जुड़े दो अन्य आरोपियों सिरमौर निवासी एक युवक और कुल्लू निवासी महिला को अदालत ने बरी कर दिया।