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Bilaspur News: व्यवसायियों के विरोध के बाद ट्रेड लाइसेंस पर अस्थायी रोक

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घुमारवीं में आयोजित नगर परिषद की बैठक में मौजूद अधिकारी व अन्य सदस्य। स्रोत: नगर परिषद
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नगर परिषद घुमारवीं की मासिक बैठक में सर्वसम्मति से लिया निर्णय
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ट्रेड लाइसेंस के लिए नगर परिषद ने एक हजार रुपये शुल्क किया था निर्धारित
आवारा कुत्तों के लिए नसबंदी अभियान की सिफारिश

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की ओर से शहर में व्यापार करने वाले दुकानदारों एवं व्यवसायियों के लिए प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस लागू करने की प्रक्रिया पर फिलहाल अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय नगर परिषद की मासिक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में माना कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रेड लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को रोकना आवश्यक है, ताकि व्यापारियों के साथ समुचित विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जा सके। बताते चलें कि नगर परिषद की ओर से शहर के करीब 40 व्यवसायों पर ट्रेड लाइसेंस लागू करने की घोषणा के बाद इसका व्यापक विरोध शुरू हो गया था।
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ट्रेड लाइसेंस के लिए नगर परिषद ने एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया था। इसके बाद दुकानदारों ने कड़ी नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना था कि वे पहले से ही शॉप एस्टेब्लिशमेंट लाइसेंस, फूड लाइसेंस, जीएसटी सहित कई औपचारिकताओं और शुल्कों की अदायगी कर रहे हैं। ऐसे में एक और लाइसेंस थोपना अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
कई व्यापारियों ने इस निर्णय को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा था कि सरकार और स्थानीय निकायों की ओर से लगातार बढ़ती औपचारिकताएं छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। व्यापार मंडल घुमारवीं ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया था। व्यापार मंडल का आरोप था कि नगर परिषद ने यह निर्णय लेने से पहले ना तो व्यापार मंडल को इस संबंध में अवगत कराया और ना ही किसी प्रकार की चर्चा की। मंडल द्वारा आपात बैठक बुलाकर सभी दुकानदारों से अपील की थी कि जब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक कोई भी ट्रेड लाइसेंस न बनवाया जाए। बढ़ते विरोध को देखते हुए नगर परिषद को प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लेना पड़ा। इसके बाद फिलहाल मामला शांत होता दिख रहा है।
बैठक में ट्रेड लाइसेंस के मुद्दे के अलावा शहर में चल रहे विकासात्मक कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। नगर परिषद ने निर्णय लिया कि शहर के रास्तों, नालियों तथा सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नगर परिषद द्वारा आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए पशुपालन विभाग को नसबंदी अभियान शुरू करने के लिए औपचारिक पत्र भेजने का निर्णय भी लिया गया।
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बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, कार्यकारी अधिकारी खेमचंद वर्मा, पार्षद कपिल शर्मा, अश्विनी वर्मा, नगर परिषद कर्मचारी जयलाल, महेंद्र ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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