बिलासपुर। राजकीय अध्यापक संघ एचजीटीयू ने टीजीटी से लेक्चरर (स्कूल न्यू) के पदों पर प्रमोशन के लिए पांच साल की रेगुलर टीजीटी सेवा शर्त को हटाकर इसे तीन वर्ष किए जाने की मांग की है। संगठन ने पांच वर्षों की शर्त को शिक्षक हितों के खिलाफ करार देते हुए इसे तुरंत निरस्त किए जाने की मांग की है। संघ ने इसे तीन वर्ष किए जाने की मांग उठाई है।
संगठन के जिला अध्यक्ष यशवीर रणौत ने कहा कि टीजीटी कैडर में तीन से सात साल कांट्रेक्ट की सेवा के चलते यह शर्त शिक्षकों की नियमित प्रमोशन के लिए सबसे बड़ी बाधक बनी हुई है। इसमें नियमित होने के बाद पांच वर्ष तक प्रमोशन पैनल में नाम शामिल करने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों टीजीटी शिक्षक इस शर्त की वजह से प्रमोशन से वंचित हो रहे हैं, जबकि इस कैडर का भारी बैकलॉग चला हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रमोशन के लिए नियमित सेवा अवधि की तीन वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट्स की ही आवश्यकता होती है। इसलिए टीजीटी कैडर से लेक्चरर (स्कूल न्यू) के पदों पर टीजीटी कैडर में सेवारत टीजीटी की तीन वर्षीय सेवा अवधि को लागू किया जाना व्यापक जनहित में है।
उन्होंने बताया कि उनका संगठन इस मसले को लेकर शीघ्र ही प्रदेश सरकार से बात करेगा। कहा कि लेक्चरर कैडर में भर्ती के लिए 50 प्रतिशत कोटा टीजीटी कैडर का है, जबकि इतनी ही भर्ती सीधे कोटे से होती है। कहा कि वर्ष 2008 से कांट्रेक्ट भर्ती होने के कारण प्रमोशन के लिए इंतजार की अवधि लंबी हो गई है और टीजीटी कैडर का प्रमोशन बैकलॉग भी बढ़ गया है।
रणौत ने सरकार से मांग की है शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पांच वर्ष की सेवा शर्त को निरस्त कर इसे तीन वर्ष का किया जाए।