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Bilaspur News: घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव को आकर्षक बनाने पर मंथन

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6 से 9 अप्रैल तक होंगी सांस्कृतिक संध्याएं
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25 से 27 मार्च तक होंगे कलाकारों के ऑडिशन

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव को लेकर शनिवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम गौरव चौधरी ने की। बैठक में संस्कृति समिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया और इस बार के मेले को अधिक भव्य और आकर्षक बनाने पर विचार-विमर्श किया।
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ग्रीष्मोत्सव मेले 5 से 9 अप्रैल तक आयोजित किए जाएंगे। मेलों की शुरुआत 5 अप्रैल को शोभायात्रा के साथ होगी। शोभायात्रा प्रसिद्ध शिव मंदिर से शुरू होगी और शहर से होते हुए मेला ग्राउंड तक पहुंचेगी। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्र, लोक कलाकार, ढोल-नगाड़े और बैंडबाजे होंगे। मेला ग्राउंड में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बैलों का पूजन किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। मेले में 6 से 9 अप्रैल तक सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और बाहरी जिलों के कलाकार प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों को विशेष रूप से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए ऑडिशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऑडिशन 25, 26 और 27 मार्च को रैन बसेरा घुमारवीं में सुबह 10 से शाम 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। चयनित कलाकारों को ही मुख्य सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। इस वर्ष एक नई पहल के तहत 6 अप्रैल की सांस्कृतिक संध्या को विशेष थीम पर आधारित किया जाएगा। यह संध्या में समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उसके दुष्प्रभावों पर केंद्रित होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान नुक्कड़ नाटक, गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे से बचाव और उसके सामाजिक प्रभावों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। मेले को और अधिक मनोरंजक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इनमें लोक नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति, नुक्कड़ नाटक और अन्य रोचक गतिविधियां शामिल हैं।
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