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भाजपा समर्थित ठेकेदारों ने दिया धरना, कांग्रेस पर पक्षपात का आरोप
चेताया, टेंडर रद्द नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर किया जाएगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एकीकृत विकास परियोजना (आईडीपी) के तहत 74.57 लाख रुपये के 19 टेंडरों को लेकर सोमवार को जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय परिसर लखनपुर में भाजपा समर्थित ठेकेदारों और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से ही कार्यकर्ता और ठेकेदार कार्यालय परिसर में डटे रहे। कांग्रेस सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
धरने में मौजूद ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में खुली धांधली हो रही है। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को टेंडर फॉर्म भरने की अंतिम तिथि थी। वे दोपहर 2:30 बजे कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां केवल एक कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद था, जिसने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। ठेकेदारों ने कहा कि एपीओ से फोन पर बात हुई, लेकिन वह जानबूझकर देर से शाम 5 बजे पहुंचीं और समय सीमा खत्म होने का हवाला देकर आवेदन लेने से मना कर दिया। कहा कि भाजपा समर्थित लोगों को टेंडर फॉर्म नहीं दिए गए, जबकि कांग्रेस समर्थित ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर फॉर्म उपलब्ध कराए गए। इसे कांग्रेस नेताओं का संरक्षण बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह नियमों की खुली अवहेलना है और कांग्रेस सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि टेंडर रद्द कर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर नवीन शर्मा, राजेश शर्मा, पंकज चंदेल, सचिन अग्निहोत्री, परमजीत जमवाल, सरवण जमवाल, संदीप, नवीन भारद्वाज, निशांत, अंकुश चंदेल, पंकज नड्डा, राकेश कुमार, बिट्टू, सुभाष समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ठेकेदार मौजूद रहे। उधर, परियोजना अधिकारी सौरभ ने कहा कि वर्ल्ड बैंक द्वारा पोषित इस परियोजना में टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से चल रही है। सोमवार को शाम 5:00 बजे तक आवेदन करने वालों को पूरा मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि टेंडर रद्द किए जाते हैं, तो नई प्रक्रिया शुरू करने में लंबा समय लगेगा। धरने के चलते जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय के बाहर करीब तीन घंटे तक माहौल गर्म रहा।