ग्राउंड रिपोर्ट
लोगों को सड़क, गांव, खेत हर जगह रहता है इनसे खतरा
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर पूरा दिन झुंड बनाकर घूमते हैं पशु
हादसों से बचाव के लिए बार-बार थमती है वाहनों की गति
सरित शर्मा
ऋषिकेश(बिलासपुर)। कीरतपुर–मनाली फोरलेन पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। कैंची मोड़ से टिहरा टनल तक का पूरा मार्ग लावारिस पशुओं की गिरफ्त में रहता है। फोरलेन पर जगह-जगह गाय, बैल झुंड में बैठे या चलते हुए दिखाई देतें हैं, जिससे यातायात लगातार बाधित हो रहा है। लोग सड़क, गांव और खेतों में भी इनसे सुरक्षित नहीं हैं।
ऋषिकेश, धराड़सानी, छत, समलेटू और डमली जैसे इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। फिलहाल फोरलेन पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित है। वाहन चालकों को बार-बार ब्रेक लगाने पड़ रहे हैं, क्योंकि कभी भी कोई पशु सड़क के बीच आ जा रहा है। सुबह और शाम के समय धुंध के दौरान ये पशु दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। धूप निकलते ही लावारिस पशु फोरलेन के किनारे और डिवाइडर के पास बैठ जाते हैं, जिससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है। सिर्फ सड़क ही नहीं, गांवों के भीतर भी हालात खराब हैं। इस समय ग्रामीण इलाकों में लोग लावारिस पशुओं के डर से घरों से निकलने में भी सतर्कता बरत रहे हैं। कई बार ये पशु अचानक आक्रामक हो जाते हैं और लोगों पर जानलेवा हमला कर देते हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
खेती पर इसका सीधा और गंभीर असर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही लावारिस पशु झुंड बनाकर खेतों में घुस जाते हैं और खड़ी फसलों को पूरी तरह तबाह कर देते हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई किसानों ने फसल बोना ही बंद कर दिया है। जो किसान अभी भी खेती कर रहे हैं, वे इस समय भी रात-रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं, ताकि किसी तरह पशुओं को खेतों में घुसने से रोका जा सके। जगदीश शर्मा, अशोक शर्मा, अनंत राम, प्रेमलाल चौधरी, आकाश चंदेल, महेंद्र सिंह, प्यार सिंह, सरदार जय कुमार, विनोद कुमार और अरुण कुमार का कहना है कि लावारिस पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उनका कहना है कि रात के अंधेरे में लोग पशुओं को छोड़ जाते हैं और सुबह गांवों व फोरलेन पर नए पशु दिखाई देने लगते हैं। इससे समस्या दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि फोरलेन और गांवों से लावारिस पशुओं की तत्काल धरपकड़ की जाए, उन्हें गोशालाओं में भेजा जाए और पशु छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक कीरतपुर–मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों और आसपास के गांवों के लोगों के लिए खतरा बना रहेगा। संवाद
कोट
इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत करवाया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। - वंदना कुमारी, प्रधान, ग्राम पंचायत डमली
फोरलेन पर लावारिस पशु। संवाद