जुखाला(बिलासपुर)। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए चयनित प्रदेश की कबड्डी टीम का चयन संदेह के घेरे में आ गया है। इस चयन पर बिलासपुर के भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान शालिग्राम ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कबड्डी संघ के पदाधिकारियों ने अपने चहेतों को टीम में स्थान देने के लिए योग्य खिलाड़ियों की अनदेखी की है।
उन्होंने कहा कि रामपुर में 7 से 9 फरवरी तक कबड्डी का प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट हुआ था। जिसमें हिमाचल पुलिस विजेता रही थी। इसी टूर्नामेंट में राजस्थान में मार्च महीने में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए टीम का चयन किया गया। चयन समिति में प्रदेश के 32 कोचों व लगभग 45 रेफरी में से किसी को भी चयन समिति में जगह नहीं दी गई। संघ के पदाधिकारियों ने अपने चहेतों को इसमें शामिल किया व योग्य खिलाड़ियों की अनदेखी की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार व कबड्डी संघ से इस कबड्डी टीम में योग्य खिलाड़ियों को चयनित करने का अनुरोध किया। कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो इस मामले में हिमाचल उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कबड्डी संघ के पदाधिकारियों ने अपने बच्चों व रिश्तेदारों को इस टीम में शामिल किया व योग्य खिलाड़ियों की अनदेखी की। इस टूर्नामेंट में आल राउंड बेस्ट खेलने वाले बिलासपुर के मुकेश कुमार को 16वें खिलाड़ी के रूप में शामिल किया। विशेष चंदेल बेस्ट रीडर खेला, उसका चयन नहीं किया गया। ऊना और सोलन की टीम अपने पहले ही मैच हार गई। उसके 2-2 खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई व मंडी की टीम ने अपना सेमीफाइनल मैच बीच में ही छोड़ दिया। लेकिन इसके भी दो खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई। उन्होंने कहा कि अगर इस चयन में सुधार नहीं किया गया तो माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने को बाध्य होंगे।