ग्राम पंचायत सुईं सुरहाड़ के ग्रांव सुरहाड़ में आयोजित बैठक में मौजूद ग्रामीण। स्रोत: जागरूक पा
गांव में नशा करने या तस्करी में संलिप्त लोगों की सूचना पुलिस को दी जाएगी
युवाओं के उपचार और पुनर्वास में भी करेगी सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल सदर की ग्राम पंचायत सुईं सुरहाड़ के तहत सुरहाड़ गांव में चिट्टा (हेरोइन) समेत अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नशामुक्ति एवं जन जागरूकता के लिए विशेष कमेटी का गठन किया गया। पंचायत प्रधान निर्मला देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि यदि गांव का कोई व्यक्ति या युवा चिट्टा अथवा अन्य मादक पदार्थों के सेवन या तस्करी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग लिया जाएगा। वहीं, नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को उपचार और नशामुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने में भी कमेटी सक्रिय भूमिका निभाएगी। गांव वालों से अपील की गई कि यदि किसी को किसी व्यक्ति के नशीले पदार्थों के सेवन या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत कमेटी के सदस्यों को सूचित करें। इसके बाद कमेटी संबंधित परिवार से संपर्क कर युवक को नशामुक्ति उपचार के लिए प्रेरित करेगी, ताकि समय रहते उसका जीवन बचाया जा सके।बैठक में 18 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को शामिल किया गया। कमेटी गांव में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करेगी। बैठक के अंत में पंचायत प्रधान निर्मला देवी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से एकजुट होकर गांव और आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने का आह्वान किया।