तीन नंबर के लिए लीड
वन विभाग, प्रशासन, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टली बड़ी दुर्घटना
जंगल में लगी आग से पूरे क्षेत्र में फैला धुएं का गुबार
तहसील कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और रिहायशी मकान आए खतरे की जद में
श्री नयना देवी और बिलासपुर से पहुंचीं दमकल गाड़ियां, घंटों बाद पाया काबू
-बिजली तारों से टहनियों का घर्षण बनी आग लगने का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। जिले के स्वारघाट में बुधवार दोपहर बाद उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठने लगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह आग बिजली की तारों और पेड़ों की टहनियों के आपस में टकराने से निकली चिंगारी के कारण लगी। घटना वन परिक्षेत्र कार्यालय स्वारघाट के बिल्कुल समीप हुई, जिससे आसपास के सरकारी कार्यालयों और रिहायशी क्षेत्रों में भी दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि दोपहर बाद मौसम में हल्की हवा चल रही थी। इसी दौरान बिजली के हाई वोल्टेज तारों के साथ पेड़ों की सूखी टहनियां घर्षण करने लगीं, जिससे चिंगारी निकली और जंगल की सूखी घास, पत्तों ने तुरंत आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में आग ने बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। जंगल से उठती आग और धुएं को देखकर स्थानीय लोग और वन विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके की ओर दौड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तुरंत अग्निशमन विभाग और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की एक दमकल गाड़ी श्री नयना देवी से तथा दूसरी दमकल गाड़ी बिलासपुर से फायर अधिकारी सुदेश शर्मा अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। फायर कर्मियों ने वन विभाग और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को रिहायशी क्षेत्र और सरकारी भवनों तक पहुंचने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। जिस स्थान पर आग लगी, वह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। सड़क के नीचे की ओर तहसील कार्यालय, बीडीओ ब्लॉक कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्थित है, जबकि ऊपर की ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कई रिहायशी मकान मौजूद हैं। आग की लपटें यदि तेजी से आगे बढ़ती तो बड़ा हादसा हो सकता था और सरकारी संपत्ति के साथ-साथ लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार स्वारघाट चतर सिंह रनौत भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उनके साथ वन परिक्षेत्र अधिकारी वेद प्रकाश तथा वन खंड अधिकारी मान चंद धीमान भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वारघाट वेद प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिजली के तारों के साथ पेड़ों की टहनियों के घर्षण से निकली चिंगारी के कारण जंगल में आग लगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के संयुक्त प्रयास और त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। हालांकि आगजनी की इस घटना में वन संपदा को कुछ नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग और अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचतीं तो आग आसपास के भवनों और रिहायशी इलाकों तक फैल सकती थी।