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Bilaspur News: किसी ने विज्ञान का डर भगाया, किसी ने स्वच्छता की डाली आदत

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सुनील कुमार
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बिलासपुर के पांच शिक्षक, एनसीसी, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में जगा रहे अनुशासन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। बिलासपुर जिले के पांच शिक्षकों ने अपने नवाचार और समर्पण से इस सोच को साबित किया है। किसी ने दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित की तो किसी ने विज्ञान और गणित को प्रयोग और गतिविधियों से आसान बनाया। एक शिक्षक ने एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना जगाई, जबकि कॉलेज के प्रवक्ता ने हजारों विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान की जटिल अवधारणाओं से रूबरू कराया। इन शिक्षकों की पहल से विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ स्वच्छता, अनुशासन, वैज्ञानिक सोच, नेतृत्व और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित हो रहे हैं। इनकी मेहनत बताती है कि एक समर्पित शिक्षक कक्षा से बाहर भी बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
नंद स्कूल में स्वच्छता बनी बच्चों की आदत
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंद के जेबीटी आशा राम ने दुर्गम क्षेत्र में स्थित विद्यालय को स्वच्छता और बेहतर शिक्षा की मिसाल बनाया है। तीन ओर गोबिंद सागर झील से घिरे इस विद्यालय में बच्चे नाव से भी पढ़ने पहुंचते हैं। वर्ष 1972 में स्थापित स्कूल को स्वच्छता के क्षेत्र में कई सम्मान मिल चुके हैं। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार में वर्ष 2017 में देश में पहला और 2018 में दूसरा स्थान मिला। वर्ष 2019 में स्वच्छ भारत पुरस्कार में देश में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2022 में हिमाचल में पहला और वर्ष 2026 में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में देश में दूसरा स्थान मिला। बाल सदन, सूको क्लब और जैव विविधता प्रबंधन समिति के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की सीख दी जा रही है।
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अब्दुल मजीद ने एनसीसी से जगाया अनुशासन
ऋषिकेश स्कूल के कंप्यूटर साइंस प्रवक्ता अब्दुल मजीद विद्यार्थियों को एनसीसी के लिए तैयार कर रहे हैं। एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, कामठी में आयोजित पीआरसीएन कोर्स के नेवी वर्ग में प्रथम स्थान हासिल करने पर उन्हें कमांडेंट गोल्ड मेडल और डीजी बैटन मिला। उन्हें बेस्ट इन एकेडमिक्स अवार्ड भी मिला। विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी से प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ। वह विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर देते हैं।

अवनीश ने प्रयोगों से विज्ञान को बनाया रोचक
राजकीय उच्च पाठशाला बलघाड़ के विज्ञान अध्यापक अवनीश कुमार गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा कर रहे हैं। वर्ष 2024 के राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में उनके दो विद्यार्थियों ने मॉडल प्रस्तुत कर प्रथम स्थान हासिल किया। इनोवेटिव मॉडल प्रदर्शनी में भी विद्यार्थियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके प्रयासों से ज्योरा स्कूल में करीब 13 लाख रुपये की लागत से सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट तैयार हुआ। बलघाड़ स्कूल को वर्ष 2025 में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय का जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला।

सरल भाषा में भौतिक विज्ञान सिखा रहे डॉ. अरुण
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के फिजिक्स विभाग के प्रवक्ता डॉ. अरुण कुमार ने भौतिक विज्ञान को विद्यार्थियों के लिए सरल बनाने का प्रयास किया है। वर्ष 2009 में बंजार कॉलेज से सेवाएं शुरू करने वाले डॉ. अरुण ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब पांच हजार विद्यार्थियों को विषय से जुड़ी विशेष जानकारी दी। उनके छह विद्यार्थी विदेशों में पीएचडी कर रहे हैं। वर्ष 2025 में शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें शिमला में सम्मानित किया गया।
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गणित के डर को दूर कर रहे सुनील कुमार
टीजीटी नॉन मेडिकल सुनील कुमार विद्यार्थियों की मदद के लिए अतिरिक्त समय में निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं चलाते हैं। वह हर साल नवंबर से कक्षाएं शुरू करते हैं। गणित को रोचक बनाने के लिए उन्होंने गणित पार्क तैयार करने में योगदान दिया है। वर्तमान में नखलेहरा स्कूल में गणित पार्क के निर्माण में सहयोग कर रहे हैं। समग्र शिक्षा की कक्षा नौवीं और दसवीं की गणित पुस्तक तैयार करने में भी उनकी भूमिका रही है। वह वैदिक गणित की विधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को गणित समझाते हैं।

सुनील कुमार

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