करंट लगने के कारण, विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के बताए तरीके
आईटीआई परिसर में बोर्ड ने उपभोक्ताओं को किया जागरूक
मोबाइल एप और एसएमएस से मिलेगी पूरी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड की ओर से स्मार्ट मीटर को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता पखवाड़े के दूसरे दिन विद्युत वृत्त बिलासपुर के तहत आईटीआई बिलासपुर में त्रैमासिक पब्लिक इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बोर्ड के सलाहकार अनुराग पराशर ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विद्युत सुरक्षा, बचत और स्मार्ट मीटर की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
अनुराग पराशर ने कहा कि विद्युत बचत न केवल उपभोक्ताओं के लिए बल्कि बोर्ड के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने करंट लगने के कारणों, विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों और सुरक्षित विद्युत उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने विद्युत लोड की सही जानकारी बोर्ड को दें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी समस्या से बचा जा सके। उन्होंने बिजली अधिनियम 2003 की धारा 126 का उल्लेख करते हुए कहा कि अनाधिकृत लोड के प्रयोग पर उपभोक्ता का आकलन किया जा सकता है, इसलिए निर्धारित लोड के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। पराशर ने कहा कि स्मार्ट मीटर नई तकनीक है और स्वाभाविक रूप से कई उपभोक्ताओं को इसके बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है। इसलिए बोर्ड का प्रत्येक कर्मचारी उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि स्मार्ट मीटर डिजिटल मीटर होते हैं, जो वास्तविक समय में बिजली की खपत मापते हैं और सटीक व पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित करते हैं। रिमोट रीडिंग, बिजली चोरी पर नियंत्रण और खपत की तुरंत जानकारी इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। स्पष्ट किया कि यूनिट मापने के मामले में पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर और स्मार्ट मीटर की एक्यूरेसी क्लास में कोई अंतर नहीं है।
स्मार्ट मीटर केवल वास्तविक खपत का ही बिल बनाता है। स्मार्ट मीटर से प्राप्त डाटा को आवश्यकता अनुसार कहीं भी भेजा और देखा जा सकता है। उपभोक्ता मोबाइल एप और एसएमएस के माध्यम से अपनी बिजली खपत और बिल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे वे भविष्य की बिजली उपयोग योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में बिजली पर बढ़ती निर्भरता के कारण इसकी कीमतों में वृद्धि संभव है। ऐसे में समय के अनुसार टैरिफ लागू हो सकता है, जिसमें उपभोक्ता जिस समय बिजली का उपयोग करेगा, उसी दर से बिल का भुगतान करेगा। यह सुविधा केवल स्मार्ट मीटर में ही संभव है। उन्होंने बताया कि यदि उपभोक्ता प्री-पेड विकल्प चुनता है तो उसे ऊर्जा शुल्क पर 1.5 प्रतिशत की छूट मिलती है। कहा कि 15 दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के बारे में सही जानकारी देकर उनके भ्रम दूर किए जाएंगे। स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को ही मिलेगा, जिससे वे अधिक प्रभावी और पारदर्शी विद्युत आपूर्ति का लाभ उठा सकेंगे। कार्यक्रम के आयोजन के लिए आईटीआई बिलासपुर के प्रधानाचार्य ओंकार चंद्र ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अध्यापकों सहित विद्युत उपमंडल बिलासपुर की नीतू कुमारी, सुधा और राजेश उपस्थित रहे।