-भारत में लगभग 31 फीसदी रोगी 15 से 29 आयु वर्ग से संबंधित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय झंडूता में एड्स और एनीमिया पर जागरूकता शिविर का आयोजन महाविद्यालय की प्रधानाचार्य अंजू बाला शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। खंड स्वास्थ्य शिक्षक रमेश चंदेल ने रेड रिबन क्लब के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य एचआईवी, एड्स ग्रस्त लोगों की देखभाल, उनको मनोवैज्ञानिक सहारा, उनकी आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को दूर करना है, ताकि वह अपने आपको कुंठित महसूस न करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह हजार युवा रोजाना इस रोग से ग्रसित हो रहे हैं। भारत में लगभग 31 फीसदी रोगी 15 से 29 आयु वर्ग से संबंधित हैं, जोकि युवा शक्ति का देश को बहुत बड़ा नुकसान है। एनीमिया के बारे में कहा कि इसका हीमोग्लोबिन स्तर 12 ग्राम प्रतिशत से कम होता है उन युवक युवतियों में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, छाती और जोड़ों में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिर दर्द, त्वचा का पीला पड़ना, अनियमित दिल की धड़कन, सांस फूलना जैसी शिकायतें देखी जाती हैं। सांसद मोबाइल सेवा की टीम ने करीब 100 किशोरियों का हीमोग्लोबिन जांचा, जिसमें 40 फीसदी का स्तर सामान्य से कम पाया गया।
सुधार लाने के विषय पर उन्होंने कहा कि जंक फूड कचरा भोजन तथा बार-बार तले गए तेल में बनी चीजों का प्रयोग न करें, अपितु दिन में कम से कम एक बार घर में उपलब्ध सस्ते मोटे अनाज का अंकुरित भोजन जिसमें काले चने, सोयाबीन, कच्ची मूंगफली, मूंग तथा मेथी आदि शामिल हों लेने का आग्रह किया। जंक फूड छोड़ने, ऐसा भोजन करने से जीवन में कभी खून की कमी नहीं होती, हीमोग्लोबिन का स्तर 12 ग्राम प्रतिशत से नीचे नहीं आएगा। उन्होंने आगे कहा कि किशोर अपने दैनिक जीवन में तंबाकू या किसी भी अन्य नशे का प्रयोग न करें। बल्कि योग, प्राणायाम, व्यक्तिगत स्वच्छता, गृह निर्मित सादा तथा पौष्टिक भोजन, खेलकूद, लेखन कार्य तथा सकारात्मक विचार अपनाएं। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर रेखा कुमारी, प्रोफेसर अर्चना, प्रोफेसर कमलेश, प्रोफेसर रंजना, प्रोफेसर सपना, सांसद मोबाइल टीम प्रभारी डॉक्टर ज्योति शशि, स्वास्थ्य शिक्षक कमल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन चंदेल आशा वर्कर आरती, सांबला व प्रोमिला आदि भी उपस्थित रहे।